कोलकाता में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में वनाधिकार व आदिवासी रेजिमेंट पर क्या बोले CM हेमंत सोरेन
Published by : Guru Swarup Mishra Updated At : 17 Dec 2022 3:41 PM
सीएम हेमंत सोरेन ने पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में कहा कि झारखंड की विभिन्न कोयला कंपनियों जैसे CCL, BCCL, ECL पर कुल एक लाख छत्तीस हजार करोड़ बकाया राशि का शीघ्र भुगतान कराया जाए. बंद खदानों का विधिवत Mines क्लोजर कराया जाए ताकि पर्यावरण की सुरक्षा हो सके एवं अवैध खनन पर भी रोक लग सके.
रांची/कोलकाता : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोलकाता में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में कहा कि वन (संरक्षण) नियम 2022 में जिस प्रकार से वन भूमि अपयोजन में ग्राम सभा के अधिकार को समाप्त किया गया है, उससे पूरे देश के करीब 20 करोड़ आदिवासी एवं वनों में पीढ़ियों से निवास करने वाले लोगों के अधिकारों का घोर अतिक्रमण हुआ है. उनके अधिकारों की रक्षा के लिए इसे वनाधिकार अधिनियम 2006 के अनुरूप संशोधित किया जाए. पांच हेक्टेयर तक की वन भूमि के अपयोजन के लिए राज्य सरकार का द्वारा स्वीकृत किये जाने के पूर्व के प्रावधान को बहाल किया जाए.
सीएम हेमंत सोरेन ने इन बातों पर दिया जोर
सीएम हेमंत सोरेन ने पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में कहा कि झारखंड की विभिन्न कोयला कंपनियों जैसे CCL, BCCL, ECL पर कुल एक लाख छत्तीस हजार करोड़ बकाया राशि का शीघ्र भुगतान कराया जाए. बंद खदानों का विधिवत Mines क्लोजर कराया जाए ताकि पर्यावरण की सुरक्षा हो सके एवं अवैध खनन पर भी रोक लग सके. साहिबगंज को मल्टी मॉडल टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है एवं भविष्य में यह पूर्वोत्तर राज्यों के लिए गेटवे बनेगा. ऐसे में यहां पर एयरपोर्ट का निर्माण कराया जाए.
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रेलवे का जोनल मुख्यालय खुले
कोलकाता में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि रेलवे को सर्वाधिक आय झारखंड से प्राप्त होता है, लेकिन झारखंड में रेलवे का एक भी जोनल मुख्यालय नहीं है. झारखंड में रेलवे का जोनल मुख्यालय स्थापित करने का निर्देश दिया जाए. केन्द्र प्रायोजित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पिछले दस वर्षों से भारत सरकार द्वारा कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है. महंगाई को देखते हुए इस राशि में पर्याप्त बढ़ोत्तरी की आवश्यकता है. प्रधानमंत्री आवास योजना में झारखंड के लगभग आठ लाख पैंतीस हजार परिवार इसके लाभ से अभी भी वंचित हैं. इन सभी को आवास स्वीकृत करने का निर्देश ग्रामीण विकास मंत्रालय को दिया जाए.
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सेना में आदिवासी रेजिमेंट के गठन हो
झारखंड जैसे उग्रवाद प्रभावित एवं गरीब राज्य में CAPF(Central Armed Police Force) की प्रतिनियुक्ति के लिए केन्द्र सरकार के द्वारा राज्य सरकार से राशि भुगतान की मांग नहीं की जानी चाहिए. GST कंपनसेशन की अवधि को अगले 05 वर्षों तक विस्तारित किया जाए अन्यथा झारखंड को प्रत्येक वर्ष लगभग पांच हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. भारत का इतिहास आदिवासियों के बलिदान से भरा पड़ा है, परंतु इनकी वीरता को वह पहचान नहीं मिल पाई जिसके वह हकदार हैं. इसलिए सेना में आदिवासी रेजिमेंट के गठन का निर्देश रक्षा मंत्रालय को दिया जाए.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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