ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को मिला बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

लंदन : ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को उनकी किताब ‘कैलेस्टियल बॉडीज’ के लिए प्रतिष्ठित मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यह कहानी तीन बहनों और एक मरुस्थली देश की है, जो दासता के अपने इतिहास से उबरकर जटिल आधुनिक विश्व के साथ तालमेल करने की जद्दोजहद करता है. जोखा अरबी भाषा […]
लंदन : ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को उनकी किताब ‘कैलेस्टियल बॉडीज’ के लिए प्रतिष्ठित मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यह कहानी तीन बहनों और एक मरुस्थली देश की है, जो दासता के अपने इतिहास से उबरकर जटिल आधुनिक विश्व के साथ तालमेल करने की जद्दोजहद करता है.
जोखा अरबी भाषा की पहली लेखिका हैं, जिन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया है. वह पुरस्कार में मिली 50,000 पाउंड की राशि को ब्रिटेन की अनुवादक मैरीलिन बूथ के साथ साझा करेंगी. पैनल की अगुवा एवं इतिहासकार बिटैनी हग्स ने मंगलवार को कहा कि जिस उपन्यास ने यह पुरस्कार जीता है, उसने दिल और दिमाग दोनों जीत लिया है. ‘कैलेस्टियल बॉडीज’ ने यूरोप और दक्षिण अमेरिका की पांच प्रविष्ठियों को पछाड़कर यह पुरस्कार हासिल किया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




