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इस्कॉन को बांग्लादेश में बताया कट्टरपंथी, जानिए बुरे वक्त में स्टीव जॉब्स का पेट भरने वाली संस्था का इतिहास

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इस्कॉन को बांग्लादेश में बताया कट्टरपंथी, जानिए बुरे वक्त में स्टीव जॉब्स का पेट भरने वाली संस्था का इतिहास

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Frequently Asked Questions

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस यानी इस्कॉन एक धार्मिक संगठन है. इस संगठन को हरे कृष्ण आंदोलन के रूप में भी जाना जाता है. यह एक गौड़ीय वैष्णव हिंदू धार्मिक संगठन है. गौड़ीय वैष्णव उनलोगों को कहते हैं, जिनका यह मानना है कि भगवान कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार नहीं उनका मूल रूप या स्रोत हैं. इस्कॉन की स्थापना एसी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने 13 जुलाई 1966 को किया गया था.  इस्कॉन का मुख्यालय पश्चिम बंगाल के मायापुरी में है.  दुनिया भर में इसके लगभग 1 मिलियन सदस्य हैं, ऐसा दावा संस्था की वेबसाइट पर किया गया है. 
इस्कॉन के सदस्य एकेश्वरवादी हिंदू धर्म के एक अलग रूप का पालन करते हैं, जो हिंदू धर्मग्रंथों पर आधारित है जिसमें भगवद गीता और भागवत पुराण सर्वप्रमुख है. हरे कृष्ण इनका मूल मंत्र है और विश्व के कई देशों में इसकी शाखाएं हैं. इस्कॉन मुख्यत: धार्मिक और सामाजिक कार्यों से जुड़ा है और इसके सदस्य सेवा भाव को सर्वोपरि मानते हैं.