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Bihar Hidden Gems : बिहार क्यों है छिपा रत्न? पीयूष गोयल का संकेत क्या है?

Updated at : 16 Sep 2024 12:54 PM (IST)
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Bihar Hidden Gems

नए जमाने में विकसित बिहार का रोडमैप क्या हो सकता है?

जानिए, बिहार की किन आर्थिक संभावनाओं का नहीं हुआ है दोहन

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Bihar Hidden Gems : बिहार के राजगीर में जरासंध के छिपे खजाने की कहानी तो सबने सुनी होगी. उसमें इतने हीरे-जवाहरात होने की बात  कही जाती है कि लोगों को भरोसा नहीं होता. उस खजाने की तलाश पूरी हो जाय तो शायद बिहार भी भारत में समृद्धि के मानचित्र पर अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाय. 

दो दिन पहले मुंबई में हुए एक कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने भी बिहार को ऐसा छिपा हुआ रत्न बताया है, जिससे दुनिया अनजान है. उन्होंने यह भी कहा है कि अगर देरी हुई तो निवेशक हाथ मलते रह जाएंगे. पीयूष गोयल के कहने का आशय आखिर क्या था ? क्या उनका कहना यह था कि बिहार में अगर कोई निवेशक आएगा तो पूंजी लगाएगा और अच्छा मुनाफा ले जाएगा.

Bihar Hidden Gems : निवेशक बिहार में पूंजी कहां लगाएगा? 

बिहार की आर्थिक संभावनाओं के बारे में निराश लोगों का कहना है कि बिहार एक लैंड लॉक्ड स्टेट हैं, यानी बिहार की सीमा समुद्र से नहीं मिलती है. जबकि इसी देश में पंजाब और हरियाणा जैसे लैंड लॉक्ड स्टेट भी हैं, जो अर्थव्यवस्था की दृष्टि से अग्रणी राज्यों में शुमार किए जाते हैं. ऐसा नहीं है कि ये दोनों राज्य हमेशा से ऐसे थे. ये भी बदहाली के शिकार थे. लेकिन चरणबद्ध विकास प्रक्रिया के जरिये यह मुकाम हासिल किया है. 

बिहार जैसे छिपे रत्न का सबसे बड़ा खजाना यहां का मानव संसाधन है, जो दूसरे राज्यों को अपने श्रम और कौशल से समृद्ध कर रहा है. इसके अलावा बिहार की बड़ी आबादी का जनसांख्यिकीय लाभ लेने के लिए भी बड़ी पहल करने की जरूरत है. क्योंकि यह बड़ी आबादी केवल श्रम संसाधन या मानव संपदा नहीं है, बल्कि एक बड़ा बाजार भी है. कोई भी निवेशक इस बड़ा बाजार का लाभ उठा सकता है. 

Bihar Hidden Gems : बिहार के 13 जिलों में धरती के गर्भ में छिपे हैं बहुमूल्य खनिज

बिहार के 13 जिलों में बहुमूल्य रत्नों, पत्थरों और खनिज भंडारों के छिपे होने के संकेत मिले हैं. भारत सरकार के सेंट्रल जियोल़ॉजिकल प्लानिंग बोर्ड ने इनके सर्वे की परियोजना को अनुमति दी है. नवादा, नालंदा, रोहतास, गया, मुंगेर, औरंगाबाद, खगड़िया, भागलपुर, लखीसराय, बांका, जमुई, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर में ऐसे खनिजों की मात्रा का पता लगाया जाएगा. बिहार में कोयला, लौह-अयस्क, बॉक्साइट और बेरेलियम जैसे खनिजों के भंडार भी मिले हैं. यहां भी खनन शुरू होने से कई तरह के  उद्योगों की संभावना को बल मिल सकता है. इनमें पर्याप्त निवेश की भी संभावना है. 

Bihar Hidden Gems : 75 करोड़ लोगों का उत्पादन हब बन सकता है बिहार 

बिहार की आबादी भले ही 13 करोड़ 70 लाख से अधिक है. लेकिन बिहार 75 करोड़ से अधिक आबादी के लोगों का उत्पादन हब बन सकता है. पश्चिम बंगाल से लेकर बांग्लादेश, नेपाल के बड़े हिस्से पूर्वोत्तर भारत के राज्यों तथा भूटान और म्यांमार में बिहार से सुगमता पूर्वक आपूर्ति की जा सकती है. इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी बिहार में तैयार माल की आपूर्ति की जा सकती है. 

कारोबारी दृष्टि से बिहार की इस रणनीतिक स्थिति को ध्यान में रखकर लंबी कार्ययोजना बनाने की जरूरत है. गंगा नदी में जलमार्ग विकसित होने और ईस्टर्न फ्रेट कॉरीडोर का बड़ा हिस्सा बिहार से होकर गुजरने के कारण यहां से निर्यात भी आसानी से होगा. बिहार में नेपाल से लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा लगने के कारण यहां तैयार माले के लिए नेपाल एक बड़ा बाजार हो सकता है. पीयूष गोयल के बिहार को छिपा रत्न कहने के पीछे जरूर यही आशय रहा होगा. 

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Mukesh Balyogi

लेखक के बारे में

By Mukesh Balyogi

Mukesh Balyogi is a contributor at Prabhat Khabar.

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