जवाद चक्रवात के कारण पटना-एर्नाकुलम एक्सप्रेस सहित सात ट्रेनें रद्द, अब सभी ट्रेनें फॉग सेफ डिवाइस से चलेंगी

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Bihar News रेल ट्रैक फ्रैक्चर से बचाव व समय पर इसकी पहचान के लिए उच्चाधिकारियों की निगरानी में रेलकर्मियों द्वारा पेट्रोलिंग की जा रही है. इससे एक ओर जहां सुरक्षा में वृद्धि होगी, वहीं कोहरे के बावजूद समय से ट्रेनें चलेंगी.

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उड़ीसा व आंध्र प्रदेश में आये समुद्री तूफान जवाद चक्रवात के कारण पूर्व तटीय रेल से होकर गुजरने वाली पटना-एर्नाकुलम एक्सप्रेस सहित सात ट्रेनें रद्द कर दी गयी हैं. पूमरे के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि ट्रेनों का परिचालन संरक्षा के दृष्टिकोण से रद्द किया गया है. शुक्रवार को पटना से खुलने वाली गाड़ी संख्या 22644 पटना-एर्णाकुलम एक्सप्रेस, धनबाद से खुलने वाली गाड़ी संख्या 13351 धनबाद-एल्लेपी एक्सप्रेस, आनंद विहार से खुलने वाली गाड़ी संख्या 12876 आनंद विहार-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस व पुरी से खुलने वाली गाड़ी संख्या 12801 पुरी-नयी दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस रद्द रहेगी. चार दिसंबर को पुरी से खुलने वाली गाड़ी संख्या 12815 पुरी-आनंद विहार नंदनकानन एक्सप्रेस व भुवनेश्वर से खुलने वाली गाड़ी संख्या 20817 भुवनेश्वर-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस नहीं चलेगी. गुरुवार को नयी दिल्ली से खुलने वाली गाड़ी संख्या 12802 नयी दिल्ली-पुरी पुरुषोत्तम एक्सप्रेस नहीं चली.

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सभी ट्रेनें ‘फॉग सेफ डिवाइस’ से चलेंगी, तैनात होंगे फॉग मैन

पटना. अब कोहरे में भी आपकी ट्रेनें ज्याद लेट नहीं होंगी. कोहरे से निबटने के लिए रेलवे ने तैयारी की है. ठंड के मौसम में सभी ट्रेनें ‘ फॉग सेफ डिवाइस’ से चलेंगी. इससे कोहरे के दौरान गाड़ियों में ज्यादा विलंब नहीं होगा. पूमरे के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि सभी मेल/ एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों के लोको पायलटों के लिए फॉग सेफ डिवाइस का प्रावधान किया गया है. जीपीएस से लैस उपकरण लोको पायलट को आगे आने वाले सिगनल की चेतावनी देता है. इससे लोको पायलट ट्रेनों की स्पीड को नियंत्रित करेंगे. इसके अतिरिक्त फॉग मैन भी तैनात किये जा रहे हैं जो सिग्नल की स्थिति की निगरानी करेंगे.

रेल ट्रैक फ्रैक्चर से बचाव व समय पर इसकी पहचान के लिए उच्चाधिकारियों की निगरानी में रेलकर्मियों द्वारा पेट्रोलिंग की जा रही है. इससे एक ओर जहां सुरक्षा में वृद्धि होगी, वहीं कोहरे के बावजूद समय से ट्रेनें चलेंगी. लाइन पेट्रोल करने वाले कर्मचारियों को जीपीएस भी उपलब्ध कराया जा रहा है. ताकि खुद भी उनकी सुरक्षा हो सके. सिगनलों की दृश्यता को बढ़ाने के लिए सिगनल साइटिंग बोर्ड, फॉग सिग्नल पोस्ट, ज्यादा व्यस्त समपार के लिफ्टिंग बैरियर आदि को काला व पीला रंग से चमकीला बनाया जा रहा है.सिग्नल आने के पहले रेल पटरी पर सफेद चूने से निशान बनाया गया है. घने कोहरे में स्टॉप सिग्नल की पहचान के लिए स्टॉप सिगनल से पहले एक विशेष पहचान चिह्न ‘सिगमा शेप्स’ से चालक को स्टॉप सिग्नल की जानकारी मिलेगी.

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75 किलोमीटर रहेगी रफ्तार

पूर्व मध्य रेल में ट्रेनों की अधिकतम गति 130 किमी प्रति घंटा है, लेकिन लोको पायलटों को निर्देश दिया गया है कि कुहासा होने पर ट्रेनों को 75 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से नहीं चलाएं. सभी स्टेशन मास्टरों व लोको पायलटों को निर्देश दिया गया है कि कुहासा होने पर इसकी सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष को दी जाये.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

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