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बिहार में बंगले पर सियासत, पूर्व उपमुख्यमंत्रियों को बंगला खाली करने का नोटिस, लगाया गया जुर्माना

Updated at : 19 Nov 2022 9:07 PM (IST)
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बिहार में बंगले पर सियासत, पूर्व उपमुख्यमंत्रियों को बंगला खाली करने का नोटिस, लगाया गया जुर्माना

बिहार की पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी की तरह ही पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पूर्व मंत्री रामसूरत कुमार, पूर्व मंत्री डॉ रामप्रीत पासवान सहित अन्य को आवंटित बंगला खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया है.

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बिहार सरकार ने भाजपा कोटे के चार पूर्व मंत्रियों को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिया है. पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी को मौजूदा मंत्री कोटे के आवास को खाली नहीं किये जाने के एवज में दो लाख 36 हजार रुपये से अधिक के जुर्माने का नोटिस भेजा गया है. भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी नोटिस में रेणु देवी को जुर्माने की राशि जमा करने की हिदायत दी गयी है.

मंत्रियों को आवंटित बंगला खाली करने के लिए नोटिस

रेणु देवी की तरह ही पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पूर्व मंत्री रामसूरत कुमार, पूर्व मंत्री डॉ रामप्रीत पासवान सहित अन्य को आवंटित बंगला खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया है. तय समय में बंगला खाली नहीं करने पर इन सभी को भी जुर्माना देना पड़ सकता है. जुर्माने की राशि बंगला खाली करने की समय सीमा बीतने के अगले दिन से खाली करने के दिन तक बंगले के लिए तय किराये पर 30 फीसदी की दर से होगी. जुर्माना लगने के बाद इसकी माफी का प्रावधान नहीं है.

मजिस्ट्रेट तैनात कर भी आवास खाली कराने का प्रावधान है

हालांकि विभाग द्वारा मजिस्ट्रेट तैनात कर भी आवास खाली कराने का प्रावधान है. हालांकि, पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने किसी जुर्माने की नोटिस मिलने से सीधा इनकार किया है. उन्होंने कहा कि अभी वह कटिहार में हैं, नोटिस नहीं मिला है. दूसरी ओर रेणु देवी ने स्वीकार किया कि उन्हें भवन निर्माण विभाग की तरफ से नोटिस आया है. उन्हें आवास खाली होने तक निर्धारित किराया 7892 रुपये के तीस गुना अधिक प्रतिमाह की दर से यानी दो लाख 36 हजार 760 रुपये अक्तूबर 2022 से प्रतिमाह जुर्माने की राशि उनके वेतन से कटौती किये जाने की बात कही गयी है.

भवन निर्माण विभाग ने नोटिस जारी किया

प्रदेश में नयी महागठबंधन सरकार के गठन के साथ ही भाजपा कोटे से रहे मंत्रियों का पद समाप्त हो गया और वे पूर्व मंत्री सह सामान्य विधायक रह गये. इस कारण उनको मिलने वाली विशेष सुविधा भी समाप्त हो गई. इसी सुविधा समाप्ति के तहत उन सभी को उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के लिए मिलने वाले आवास भी खाली करना था. इसके लिए स्वैच्छिक रूप से एक महीने के भीतर आवास खाली करने की समयसीमा तय थी. यदि वे आवास खाली करने की सूचना भवन निर्माण विभाग को देते तो उन्हें उनके पद के अनुरूप आवास आवंटित कर दिया जाता. अब स्वैच्छिक रूप से आवास खाली करने की समय सीमा बीत जाने के बाद भवन निर्माण विभाग ने नोटिस जारी किया है.

क्या कहती हैं रेणु देवी 

रेणु देवी ने कहा कि नोटिस मिला है. लेकिन एक विधायक के रूप में जो आवास मिला हे, वह पूरी तरह तैयार नहीं है. 18 नवंबर की शाम को खाली हुआ है. जब तक तैयार नहीं होगा, वह कैसे मौजूदा आवास खाली कर दे. सरकार ने खाली करा कर नया आवास नहीं दिया है और जुर्माना भी लगा रही है. महिला और अति पिछड़ा होने की वजह से उन्हें टारगेट किया जा रहा है.

क्या कहते हैं मंत्री

भवन निर्माण मंत्री डॉ अशोक चौधरी ने कहा कि हमलोगों ने नियम संगत कार्रवाई की है. 2015 में राजद के साथ हमारा गठबंधन बना था और बाद में जब 2017 में भाजपा के साथ गठबंधन में सरकार बन गई तो राजद के पूर्व मंत्रियों ने भी आवंटित बंगला समय पर खाली किया था. यह कोई कहे कि हम बंगला खाली नहीं करेंगे, हमें दिक्कत है तो यह नियम संगत नहीं है.

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