आइएमएफ की चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष
IMF: वैश्विक विकास दर से जुड़ी अपनी रिपोर्ट जारी करने से पहले आइएमएफ ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण दुनिया की आर्थिक विकास दर कम रहेगी. इसने महंगाई और ब्याज दर में वृद्धि से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर के प्रति आगाह किया है.
IMF: आइएमएफ यानी अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने आगाह किया है कि ईरान युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है, जिससे आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी होगी. विश्वभर के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर इस सप्ताह होने वाली आइएमएफ और विश्व बैंक की वसंतकालीन बैठकों की तैयारी कर रहे हैं. इससे पहले आइएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विनाश से लेकर अन्य जगहों पर आपूर्ति में व्यवधान तक कई चुनौतियों का संकेत दिया और कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एआइ पर भारी खर्च के कारण हाल के महीनों में आयी ‘मजबूत स्थिति’ को देखते हुए अनुमानित ‘बेहतर स्थिति’ हासिल करना अब संभव नहीं है.
उनका कहना था कि सर्वोत्तम परिदृश्य में भी अमेरिका और ईरान के दो सप्ताह के युद्धविराम के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था की मूल स्थिति में पूर्ण वापसी नहीं होगी. उन्होंने कतर में दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी परिसर के बंद होने के कारण एशिया-प्रशांत क्षेत्र में व्याप्त गंभीर ईंधन संकट का उल्लेख किया. ईरान के हमले से पहले इस परिसर की करीब 80 फीसदी एलएनजी एशिया-प्रशांत में निर्यात की जाती थी.
आइएमएफ प्रमुख का कहना था कि कतर के एलएनजी परिसर को पूरी क्षमता से चालू करने में तीन से पांच साल लग सकते हैं. कोविड के बाद मुद्रास्फीति के झटके के बाद यह संघर्ष कीमतों में एक और वृद्धि, ब्याज दरों में वृद्धि और आर्थिक विकास में मंदी का कारण बन सकता है. प्रमुख इनपुट लागतों में वृद्धि का असर कई उपभोक्ता वस्तुओं पर भी पड़ेगा, जिससे मुद्रास्फीति बढ़ेगी. यदि मुद्रास्फीति की आशंकाएं अनियंत्रित होकर एक महंगे मुद्रास्फीति चक्र में तब्दील हो जाती हैं, तो केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें बढ़ाकर अधिक आक्रामक रूप से हस्तक्षेप करना होगा.
आइएमएफ प्रमुख के मुताबिक, युद्ध के दूरगामी प्रभावों में न केवल आवश्यक ऊर्जा और औद्योगिक सामग्रियों की कमी शामिल होगी, बल्कि इससे 4.5 करोड़ और लोगों के गरीबी में धकेल दिये जाने का खतरा भी बढ़ जायेगा. गौरतलब है कि आइएमएफ ने जनवरी में एआइ में मजबूत निवेश और व्यापार तनाव में कमी का हवाला देते हुए इस वर्ष वैश्विक आर्थिक विकास दर के 3.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था. लेकिन इस सप्ताह जारी होने वाली अपनी रिपोर्ट में वह वैश्विक आर्थिक विकास दर को कम कर सकता है.
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