जलीकट्टू की जंग

Updated at : 23 Jan 2017 6:08 AM (IST)
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जलीकट्टू की जंग

दक्षिण भारत का चार सौ साल से भी पुराना पारंपरिक खेल जलीकट्टू पर 2014 में सरकार ने पाबंदी लगा दी. पोंगल के अवसर पर 300-400 किलो के सांड़ो की सींगों में सिक्के या नोट फंसाकर उन्हे भड़का कर लोगों के बीच छोड़ दिया जाता है, ताकि लोग सींगों को पकड़कर उन्हे काबू में करे. अब […]

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दक्षिण भारत का चार सौ साल से भी पुराना पारंपरिक खेल जलीकट्टू पर 2014 में सरकार ने पाबंदी लगा दी. पोंगल के अवसर पर 300-400 किलो के सांड़ो की सींगों में सिक्के या नोट फंसाकर उन्हे भड़का कर लोगों के बीच छोड़ दिया जाता है, ताकि लोग सींगों को पकड़कर उन्हे काबू में करे. अब इसे परंपरा कहें या जानलेवा खेल? इस खतरनाक खेल का नतीजा भी काफी खतरनाक होता है. सांड़ को काबू करने की कोशिश में दर्जनों लोग घायल होते हैं.

कई बार खतरों का यह खेल जान ले कर ही मानता है. इस खतरनाक खेल पर लगे पाबंदी का विरोध कर रहे लोगो को शायद एक बार ठंडे दिमाग से विचार करने की आवश्यकता है. सरकार के इस फैसले के विरोध में पूरा दक्षिण भारत एक साथ आ खड़ा हुआ है.

ऐमन अफरोज, रांची

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