धन से नहीं, धुन से खत्म होगी समस्या
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Apr 2015 6:11 AM (IST)
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देर से ही सही झारखंड सरकार ने आखिरकार जल संकट पर गंभीरता से विचार करते हुए बीते सप्ताह जल नीति को हरी झंडी दे ही दी. सरकार ने इसे मंजूरी दे तो दी, लेकिन देखना यह है कि इस नीति पर कितनी गंभीरता से अमल होता है. किसी समस्या के हल के लिए धन से […]
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देर से ही सही झारखंड सरकार ने आखिरकार जल संकट पर गंभीरता से विचार करते हुए बीते सप्ताह जल नीति को हरी झंडी दे ही दी. सरकार ने इसे मंजूरी दे तो दी, लेकिन देखना यह है कि इस नीति पर कितनी गंभीरता से अमल होता है.
किसी समस्या के हल के लिए धन से अधिक धुन की जरूरत है. सरकार की इस नीति से यदि अवैध बोरिंग पर रोक लगेगी, तो वाटर हार्वेस्टिंग भी अनिवार्य हो जायेगी. सूबे के सभी 24 जिलों में लगातार भू-गर्भ जल स्तर का गिरना एक बड़ी समस्या है.
राज्य सरकार को जल संकट से निबटने के लिए लटकी जलापूर्ति परियोजनाओं को अविलंब पूरा करना चाहिए, अंधाधुंध डीप बोरिंग पर रोक लगे और वर्षा जल संचयन के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहिए. साथ ही भू-गर्भ जल पर लोगों की निर्भरता को कम करने की भी जरूरत है.
पूनम गुप्ता, मधुपुर
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