ट्रंप की धमकी, फेल हुई बातचीत तो ईरान पर बरसेंगे बम, शांति वार्ता से पहले बढ़ी तकरार!

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Iran US Ceasefire

ईरान-अमेरिका में बढ़ी तकरार! फोटो- पीटीआई

Iran US Ceasefire:अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है. लेकिन दोनों देशों में बातचीत की शुरुआत होती नजर नहीं आ रही है. ट्रंप ने बमबारी की धमकी दी है और ईरान भी सख्त रुख अपनाया हुआ है. ऐसे में वार्ता से पहले ही दोनों देशों की तकरार चरम पर पहुंच गई है.

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Iran US Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर पाकिस्तान में वार्ता हो सकती है. लेकिन अगर वार्ता में बात नहीं बनी तो क्या होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर वार्ता उम्मीद के अनुसार आगे नहीं बढ़ती है तो वह ईरान पर बमबारी फिर से शुरू करने के लिए हम तैयार हैं. सीएनबीसी के ‘स्क्वॉक बॉक्स’ कार्यक्रम में ट्रंप से सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या इस्लामाबाद में होने वाली आगामी वार्ता में कोई प्रगति न होने पर वह हमले फिर से शुरू करेंगे. इसपर ट्रंप ने कहा- हां, मुझे लगता है कि बमबारी करनी पड़ेगी क्योंकि यही बेहतर रुख है. लेकिन, आप जानते हैं, हम तैयार हैं. मतलब, सेना पूरी तरह से तैयार है.

खत्म होने वाला है दो हफ्ते का युद्धविराम

ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है. इससे पहले ईरान और अमेरिका के बीत मध्यस्थता की कोशिश की जा रही है. पाकिस्तान में वार्ता के लिए मेज सजाया जा रहा है. लेकिन, ट्रंप की धमकी, होर्मुज में तनातनी और ईरान की वार्ता से ना-नुकुर खेल बिगाड़ रही है. इस बीच यह भी साफ नहीं है कि युद्धविराम असल में कब समाप्त होगा. दो हफ्ते पहले जब युद्धविराम की घोषणा की गई थी, तब मंगलवार रात तक की समय सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन ट्रंप ने ब्लूमबर्ग न्यूज़ को बताया कि युद्धविराम बुधवार रात को समाप्त हो जाएगा.

अमेरिका और ईरान हो सकते हैं वार्ता में शामिल

एक तरफ ईरान कह रहा है कि वार्ता के अभी तक उसने डेलिगेशन को भेजने पर कोई विचार नहीं किया है. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इस बात से भी इनकार किया है कि उनके देश का कोई अधिकारी पहले से ही पाकिस्तान की राजधानी में मौजूद है. वहीं, पाकिस्तान के दो अधिकारियों का दावा है कि अमेरिका और ईरान ने संकेत दिया है कि वे इस्लामाबाद में नये दौर की युद्धविराम वार्ता में शामिल होंगे. पाकिस्तानी अधिकारियों की यह टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब न तो अमेरिका और न ही ईरान ने सार्वजनिक रूप से वार्ता के समय की पुष्टि की है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के नेतृत्व वाले मध्यस्थों को इस बात की पुष्टि की गई है कि शीर्ष वार्ताकार, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलिबाफ वार्ता में अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए बुधवार सुबह इस्लामाबाद पहुंचेंगे.

ईरान और अमेरिका दे रहे हैं एक-दूसरे को धमकी

अमेरिकी और ईरानी दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर युद्धविराम की समयसीमा से पहले कोई समझौता नहीं हुआ, तो ईरान में बम गिरने शुरू हो जाएंगे. वहीं ईरान के मुख्य वार्ताकार ने कहा है कि तेहरान के पास युद्ध के मैदान में ऐसे नए पत्ते हैं, जिनका खुलासा अभी तक नहीं किया गया है.

क्या बढ़ेगी युद्धविराम की अवधि?

अगर बातचीत फिर से शुरू होती है तो युद्धविराम की अवधि बढ़ने की संभावना है. व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने कहा है कि वेंस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, लेकिन ईरान ने यह नहीं बताया है कि वह किसे भेजेगा. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने मंगलवार को अपने एक संदेश में कहा कि ईरान से कोई प्रतिनिधिमंडल अभी तक इस्लामाबाद नहीं गया है. वार्ता में सबसे ज्यादा पेंच होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण पर फंस रहा है.

ईरानी बंदरगाहों पर जारी है अमेरिकी नाकाबंदी

पहले दौर की वार्ता फेल हो जाने के बाद अमेरिका ने तेहरान पर दबाव बनाने के लिए ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है, ताकि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका एकाधिकार खत्म करे. होर्मुज एक ऐसा महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्ग है, जिसके जरिये युद्ध से पहले दुनिया के 20 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल का परिवहन होता था. युद्ध शुरू होने से पहले, होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह से खुला था, और ट्रंप ने मांग की है कि जहाजों को फिर से जलमार्ग से बिना किसी अवरोध के गुजरने की अनुमति दी जाए.

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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