बिजली संकट से जूझती जनता

विगत कुछ महीनों से राज्य बिजली संकट से जूझ रहा है. कई जिलों में 10-12 घंटों तक बिजली कटौती हो रही है. आम जनता सरकार के इस रवैये से बेहद परेशान है. हमें यह बात नहीं समझ आ रही कि डीवीसी में राज्य की 33 फीसदी हिस्सेदारी के बावजूद उसे अनदेखा क्यों किया जा रहा […]
विगत कुछ महीनों से राज्य बिजली संकट से जूझ रहा है. कई जिलों में 10-12 घंटों तक बिजली कटौती हो रही है. आम जनता सरकार के इस रवैये से बेहद परेशान है. हमें यह बात नहीं समझ आ रही कि डीवीसी में राज्य की 33 फीसदी हिस्सेदारी के बावजूद उसे अनदेखा क्यों किया जा रहा है.
स्थानीय सरकार इस समस्या को सुलझाने के बजाय डीवीसी के अधिकारियों पर आरोप-प्रत्यारोप का कार्य कर रही है. दूसरी ओर डीवीसी के अधिकारियों से यह सुनने मिल रहा है कि कोयले के अभाव और बकाया राशि का भुगतान न होने के कारण हम ऐसा कर रहे हैं. इन सभी के बीच वे लोग पिस रहे हैं, जो साल भर तक त्योहारो का इंतजार करते हैं. दो पैसे कमाने के चक्कर में सरकार लोगों की भावनाओं को नहीं समझ रही है. लगता है दशहरा की तरह इस बार की दीपावली भी अंधेरे में ही मनेगी.
रितेश दुबे, ई-मेल से
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