ePaper

विकास जा रहा विनाश की ओर

Updated at : 06 Nov 2019 6:30 AM (IST)
विज्ञापन
विकास जा रहा विनाश की ओर

रोटी, कपड़ा और मकान इंसान की सबसे बड़ी जरूरतें हैं. इन जरूरतों ने ही विकास की अवधारणा को आगे बढ़ाया है. लेकिन विकास की मखमली पगडंडी विनाश की कंटीली झाड़ियों में जाती है. कुओं से भागता पानी और चिमनियों से निकलता कार्बन तबाही की मिसाल हैं. विकास की तलाश में भागती दुनिया ने घुमक्कड़ी को […]

विज्ञापन

रोटी, कपड़ा और मकान इंसान की सबसे बड़ी जरूरतें हैं. इन जरूरतों ने ही विकास की अवधारणा को आगे बढ़ाया है. लेकिन विकास की मखमली पगडंडी विनाश की कंटीली झाड़ियों में जाती है. कुओं से भागता पानी और चिमनियों से निकलता कार्बन तबाही की मिसाल हैं. विकास की तलाश में भागती दुनिया ने घुमक्कड़ी को भी कारोबार बना दिया है.

नजारों को नयी शक्ल देकर रोजगार की नयी खिड़की खोलने की लगातार कोशिश हो रही है. वहीं, कई शहरों में सैर-सपाटे की भीड़ ने मुसीबत के दरवाजे खोल दिये हैं. सुना है कई मुल्कों में सैलानियों की भीड़ बेकाबू होने लगी है. सनद रहे कि इस बढ़ते बोझ का खामियाजा कुदरत हमें ही सूद सहित वापस करनेवाली है. आश्चर्य नहीं कि एक दिन यह भीड़ भस्मासुर बन कर हमारे सामने खड़ी हो और हम चीखते-चिल्लाते रह जाएं.

एमके मिश्रा, रातू

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola