पानी का विकल्प नही, इसे समझना होगा
Updated at : 03 Jul 2019 6:30 AM (IST)
विज्ञापन

आज सभी तमाम मुश्किलों के बीच पानी की समस्या आम है. मगर इस समस्या ने आम होकर भी खास की तरह सुर्खियां बटोरी है. राज्य से राष्ट्र स्तर पर और गरीब से अमीर तक सभी का ध्यान इस पर कमोबेश जरूर गया है. हम में से कइयों ने इस पर लिखा, पर उससे कम लोगों […]
विज्ञापन
आज सभी तमाम मुश्किलों के बीच पानी की समस्या आम है. मगर इस समस्या ने आम होकर भी खास की तरह सुर्खियां बटोरी है. राज्य से राष्ट्र स्तर पर और गरीब से अमीर तक सभी का ध्यान इस पर कमोबेश जरूर गया है.
हम में से कइयों ने इस पर लिखा, पर उससे कम लोगों ने इसके संरक्षण के लिए काम किया. पर, क्या जितनी चर्चा जलसंकट पर वर्तमान समय में हो रही है, यह आगे भी होती रहेगी. तब तक जब तक हम इसकी क्षतिपूर्ति न कर लें. लोगों को यह ध्यान रखना होगा कि जीवन के लिए जल अवैकल्पिक प्राकृतिक संसाधन है. जल की उपलब्धता भी सीमित है, जिसका उपयोग अगर न्यायपूर्ण तरीके से नहीं किया गया, तो फिर इसकी मार पूरी सृष्टि को झेलनी पड़ेगी.
आकाश राज, हिलसा (नालंदा)
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




