कार्बन डाई ऑक्साइड से वाष्पीकरण में हो रही वृद्धि

ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार सबसे बड़ा कारण कार्बन डाई ऑक्साईड (CO2) है, जो पर्यावरण का एक प्रमुख घटक है. यह वातावरण में वाष्पीकरण में वृद्धि कर रहा है और इस वजह से पृथ्वी के सतही क्षेत्रों में गर्मी बढ़ रही है. जल-वाष्प की गिनती भी ग्रीन हाउस गैसों में की जाती है, जिनकी वजह […]
ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार सबसे बड़ा कारण कार्बन डाई ऑक्साईड (CO2) है, जो पर्यावरण का एक प्रमुख घटक है. यह वातावरण में वाष्पीकरण में वृद्धि कर रहा है और इस वजह से पृथ्वी के सतही क्षेत्रों में गर्मी बढ़ रही है.
जल-वाष्प की गिनती भी ग्रीन हाउस गैसों में की जाती है, जिनकी वजह से गर्मी बढ़ जाती है, जो और भी अधिक जल-वाष्प पैदा करने के लिए जिम्मेदार है. जीवाश्म ईंधनों के लगातार दोहन की वजह से CO2 के स्तर में कमी आने की कोई संभावना नजर नहीं आती. CO2 के अलावा, सल्फर, CFC एवं मिथेन गैसों के स्तर में वृद्धि भी ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है.
फूलवंती देवी, बगौरा, पुरानी बाजार (सीवान)
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