अगले चुनाव के लिए मुद्दे ही नहीं बचेंगे

सोच रहा हूं कि पांच साल बाद चुनाव किस मुद्दे पर होंगे. जैसा प्रचारित किया जा रहा है, उसके हिसाब से तो देश में तब तक कोई गरीब नहीं होगा, भ्रष्टाचार खत्म हो चुका होगा, हर युवा के पास रोजगार होगा, घर होगा, अपनी कार होगी, पेट्रोल 20 रुपये लीटर हो चुका होगा, पाकिस्तान भारत […]
सोच रहा हूं कि पांच साल बाद चुनाव किस मुद्दे पर होंगे. जैसा प्रचारित किया जा रहा है, उसके हिसाब से तो देश में तब तक कोई गरीब नहीं होगा, भ्रष्टाचार खत्म हो चुका होगा, हर युवा के पास रोजगार होगा, घर होगा, अपनी कार होगी, पेट्रोल 20 रुपये लीटर हो चुका होगा, पाकिस्तान भारत का हिस्सा बन चुका होगा, सेकुलर लोग धर्म विशेष के प्रचारक बन चुके होंगे, देश इतना विकास कर चुका होगा कि अमेरिका के नागरिक भारतीय वीजा के लिए तीन-तीन साल से लाइन लगा रहे होंगे, महिलाओं पर अत्याचार बंद हो चुका होगा, आतंकवाद का निशान नहीं बचेगा, हर धर्म को समान अधिकार मिल चुके होंगे. देशवासियो, पांच साल बाद चुनाव के लिए कोई मुद्दा ही नहीं रहेगा, तो चुनाव की जरूरत ही नहीं रहेगी, ये आपके जीवन का आखिरी वोट है, जरूर दें, क्योंकि इसके बाद सिर्फ अच्छे दिन ही रह जायेंगे.
वसीम अब्बास जाफरी, ई-मेल से
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