गलती हमारी या सरकार की?

आज हमारा युवा समाज और देश बदलने की बातें कर रहा है. लेकिन क्या सरकार बदल जने से देश की तरक्की हो जायेगी? क्या सबको रोजगार मिल जायेगा? क्या सरकार बदल देना ही सारी समस्याओं का समाधान है? जवाब है, नहीं. आज के नवयुवकों की सोच सीमित हो कर रह गयी है. उनकी सोच बस […]
आज हमारा युवा समाज और देश बदलने की बातें कर रहा है. लेकिन क्या सरकार बदल जने से देश की तरक्की हो जायेगी? क्या सबको रोजगार मिल जायेगा? क्या सरकार बदल देना ही सारी समस्याओं का समाधान है? जवाब है, नहीं.
आज के नवयुवकों की सोच सीमित हो कर रह गयी है. उनकी सोच बस अपने तक सिमट चुकी है. जब उन्हें नौकरी नहीं मिलती तो वे सरकार को कोसते हैं, लेकिन जब वे नौकरी के लिए आयोजित परीक्षा में असफल हो जाते हैं तो क्या तब भी गलती सरकार की ही है? पढ़ाई के समय पढ़ाई छोड़ कर बाकी सारी चीजों पर इनका ध्यान देना भी क्या सरकार की ही गलती है?
हम भ्रष्टाचार की बातें करते हैं. इसकी वजह भी तो हम ही हैं न! परीक्षा में नंबर कम आये हैं, लेकिन पढ़ेंगे इंजीनियरिंग ही. कुछ ले-दे कर किसी इंजीनियरिंग कॉलेज में सीट पक्की करा लेते हैं. यहां गलती किसकी है, हमारी या सरकार की? शशि भूषण, जमशेदपुर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










