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ranchi

  • Nov 22 2017 11:30AM
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VIDEO : झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती को चारा घोटाला में 5 साल की सजा, 4 लाख रुपये जुर्माना, सजल बोले : शुक्रिया

VIDEO : झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती को चारा घोटाला में 5 साल की सजा, 4 लाख रुपये जुर्माना, सजल बोले : शुक्रिया

अजय दयाल @ रांची

संयुक्त बिहार के सबसे बड़े और बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाला मामले में सजल चक्रवर्ती को पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. चार लाख रुपये का जुर्माना भी किया है. जुर्माना अदा नहीं करने पर झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव को एक वर्ष अतिरिक्त सजा काटनी होगी. सजा सुनाये जाने के बाद सजल चक्रवर्ती ने अदालत के प्रति आभार व्यक्त किया. अदालत से कहा, ‘एक महीने से मामला चल रहा है. अदालत ने मामले को एक महीना तक धैर्यपूर्वक सुना. मेरा पक्ष काफी मजबूत था. मुझे कुछ और उम्मीद थी. लेकिन, अापने जो सजा सुनायी है, उसका मैं सम्मान करता हूं.’

बुधवार को फर्स्ट हाफ में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गयी थी. बहस के दौरान भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरीय अधिकारी सजल चक्रवर्ती के वकील एके मित्रा ने अपने मुवक्किल की सजा कम करने की कोर्ट से अपील की. वहीं, सीबीआई के वकील ने कहा था कि चक्रवर्ती को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. इसके बाद सीबीआई के विशेष जज शंभूलाल साहू ने दोपहर 2 बजे तक अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. दोपहर बाद जब कोर्ट बैठा, तो जज ने अपना फैसला सुना दिया.

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सजल चक्रवर्ती के वकील ने कोर्ट से कहा कि उनके मुवक्किल की खराब सेहत के मद्देनजर उन्हें सजा में रियायत मिलनी चाहिए. इतना ही नहीं, वकील ने चारा घोटाला में दोषी करार दिये जा चुके सजल चक्रवर्ती की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनके कैरेक्टर का भी हवाला दिया. कहा कि वह संभ्रांत परिवार से आते हैं और उनका चरित्र बेदाग है. इसलिए कोर्ट को उनके प्रति नरमी बरतनी चाहिए.

सीबीआई के वकील ने सजल चक्रवर्ती के वकील की दलीलों का कड़ा प्रतिवाद किया. उन्होंने कहा कि आईएएस अधिकारी सरकार के नुमाइंदे होते हैं. ऐसे लोग यदि भ्रष्ट आचरण में लिप्त पाये जाते हैं, तो उनके प्रति कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए. ऐसे अधिकारियों को कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सीबीआई के विशेष जज ने दोपहर 2 बजे तक फैसला सुरक्षित रख लिया.

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14 नवंबर को सजल चक्रवर्ती को चारा घोटाला मामले में चाईबासा कोषागार से अवैध तरीके से 33.70 करोड़ रुपये की निकासी की जानकारी होने के बावजूद दोषियों पर कार्रवाई नहीं करने, चारा घोटाला के आरोपियों से रिश्वत लेने के मामले में विशेष सीबीआई कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया था. चक्रवर्ती को 21 नवंबर को ही सजा सुनायी जानी थी, लेकिन उस दिन झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस भगवती प्रसाद को श्रद्धांजलि देने के बाद कोर्ट की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी. इसकी वजह से सजल चक्रवर्ती की सजा का एलान भी एक दिन के लिए टल गया था.

सीबीआई के विशेष जज शंभूलाल साहू की अदालत ने 14 नवंबर को बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव व चाईबासा के तत्कालीन उपायुक्त सजल चक्रवर्ती को कांड संख्या 20A/96 में दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था. सजल पर चाईबासा का उपायुक्त रहते ट्रेजरी पर नियंत्रण नहीं रखने का भी आरोप है.

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सजल चक्रवर्ती पर रिश्वत लेने का भी आरोप है. इस मामले में बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा को 2013 में ही सजा सुनायी जा चुकी है. हाईकोर्ट ने सजल चक्रवर्ती को इस मामले में बरी कर दिया था. इसके बाद सीबीआई सुप्रीम कोर्ट गयी थी. इसके बाद उनके खिलाफ फिर से सुनवाई शुरू हुई और विशेष सीबीआई जज द्वारा चारा घोटाला मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद सजल को जेल भेज दिया गया. हालांकि, इसके पहले हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद से वह बेल पर थे.

सजा पानेवाले पांचवें आइएएस : सजल चक्रवर्ती चारा घोटाला में सजा पाने वाले पांचवें आइएएस अफसर हैं. इस मामले में आइएएस अधिकारी के अरुमुगम, बेक जूलियस, फूल चंद सिंह और महेश प्रसाद को सजा सुनायी जा चुकी है. रांची के तत्कालीन आयकर आयुक्त एसी चौधरी को भी इस मामले में सजा सुनायी जा चुकी है. झारखंड हाइकोर्ट के आदेश के आलोक में सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने सजल को छोड़ अन्य आइएएस अधिकारियों को सजा सुनायी थी.

क्या है मामला : सीबीआइ के अनुसार, सजल चक्रवर्ती वर्ष 1992 से 1995 के बीच पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त थे. इस दौरान उनकी जानकारी में पशुपालन विभाग से अत्यधिक निकासी हुई. आरोप था कि उन्होंने तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी बृजनंदन शर्मा और आपूर्तिकर्ताओं से मेलजोल के कारण इसे नजरअंदाज किया. चाईबासा कोषागार से 37 करोड़ 70 लाख 39 हजार 743 रुपये की निकासी की गयी थी. इसके एवज में सजल ने एक आपूर्तिकर्ता से उपहारस्वरूप लैपटॉप लिया था.

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