गिफ्ट देखकर हंसी रोक नहीं पाए सीएम योगी, जानें क्या थी वो चीज

सीएम योगी, गोल घेरे में यशस्विनी
4 साल की यशस्विनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'बुलडोजर' गिफ्ट किया. इसके बाद सीएम का रिएक्शन देखने लायक था. नीचे पढ़ें पूरा वाकया.
मासूम बच्चों को गिफ्ट व चॉकलेट देकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कुछ खास गिफ्ट मिला. 27 मार्च को कानपुर की 4 साल की यशस्विनी सिंह के ‘गिफ्ट’ ने उनको हंसने पर मजबूर कर दिया. यशस्विनी ने सीएम से कहा कि आपके लिए गिफ्ट लाएं हैं, पहले आंखें बंद करिए. इसके बाद यशस्विनी ने एक छोटा सा बुलडोजर (खिलौना) मुख्यमंत्री के हाथों में रख दिया. सरप्राइज गिफ्ट देखते ही सीएम भी हंस पड़े.
यशस्विनी ने कहा-आंखें बंद कीजिए
सीएम योगी शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में रोज की तरह टहल रहे थे. तभी उनकी नजर 4 साल की यशस्विनी सिंह पर पड़ी, जो अपने परिवार के साथ कानपुर से आई थी. सीएम ने उसे पास बुलाया, चॉकलेट दी और प्यार से बात की. इसी दौरान यशस्विनी ने कहा कि वह उनके लिए गिफ्ट लाई है और उनसे आंखें बंद करने को कहा. सीएम मुस्कुराते हुए मान गए, तो बच्ची ने उनके हाथ में छोटा सा बुलडोजर रख दिया.
मुख्यमंत्री से मिलकर खुश नजर आई यशस्विनी
गिफ्ट देखते ही मुख्यमंत्री और वहां मौजूद सभी लोग मुस्कुरा पड़े. यशस्विनी ने कहा कि आपको बुलडोजर पसंद है, इसलिए मैं ये गिफ्ट लाई हूं. यशस्विनी कानपुर के प्रताप इंटरनेशनल कॉलेज में नर्सरी में पढ़ती है. वह अपने पिता अभय सिंह राजावत और मां प्रियदम्वा सिंह के साथ गोरखपुर आशीर्वाद लेने आई थी. मुख्यमंत्री से मिलकर वह बहुत खुश नजर आई.
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सीएम योगी गोरखपुर दौरे पर दूसरे दिन भी शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए. यहां उन्होंने अलग-अलग जिलों से आए लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, ताकि लोगों की शिकायतों का जल्द समाधान हो सके. गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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