Viral Video Fact Check : नदी में तैरता दिखा 50 फुट का सांप, वीडियो देख थम सकती हैं सांसें
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 15 Sep 2025 11:27 PM
50 फुट का सांप, सच है या झूठ
Viral Video Fact Check : वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रीन अनाकोंडा (Green Anaconda) दुनिया का सबसे लंबा और बड़ा सांप होता है. यह दक्षिण अमेरिका की नदियों और दलदली क्षेत्रों में पाया जाता है.
Viral Video Fact Check : क्या आपने 50 फुट का सांप देखा है? अगर नहीं तो इस वायरल वीडियो को जरूर देखें और जानिए क्या इस तरह का कोई जीव इस धरती पर मौजूद है अथवा नहीं. सोशल मीडिया में वायरल हो रहे, इस वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि एक सांप जो 50 फुट का है और अगर वह जीवित है, तो उसके जीवित रहने से इंसान को फायदा होगा या नुकसान?
वैज्ञानिक प्रमाणों में कोई 50 फुट का सांप इस धरती पर मौजूद नहीं
वैज्ञानिक प्रमाणों में अबतक किसी 50 फुट के पाए जाने की सूचना नहीं है. विश्व का सबसे लंबा सांप ग्रीन एनाकोंडा (Green Anaconda) है, जिसकी लंबाई आमतौर पर 20–25 फुट तक होती है. अभी तक कोई ऐसा सांप वैज्ञानिकों को नहीं मिला है, जो 50 फुट लंबा हो और जीवित हो. हालांकि इस वीडियो को इस तरह बनाया गया है कि पहली नजर में देखने पर यह वीडियो बिलकुल सच जान पड़ता है. लेकिन सच्चाई यह है कि वीडियो शेयर करने वाला एकांउट, जंगली जानवरों के बारे में पुष्ट जानकारी देने वाला सोशल मीडिया एकाउंट नहीं है. साथ ही वीडियो में जो दिख रहा है, वह बहुत स्मूथ और है और उसका मूवमेंट भी ऐसा है, जो असली जीवों के नेचर से मेल नहीं खाता. इससे यह प्रतीत होता है कि यह वीडियो AI के सहयोग से बनाया गया है.
ग्रीन अनाकोंडा दुनिया का सबसे लंबा सांप
वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रीन अनाकोंडा (Green Anaconda) दुनिया का सबसे लंबा और बड़ा सांप होता है. यह दक्षिण अमेरिका की नदियों और दलदली क्षेत्रों में (अमेजन बेसिन, ओरिनोको नदी, गयाना, ब्राजील, पेरू, कोलंबिया, वेनेज़ुएला आदि) पाया जाता है. आमतौर पर इसकी लंबाई 15–20 फुट (4.5–6 मीटर) तक होती है. सबसे बड़ा दर्ज रिकॉर्ड: करीब 29 फुट (8.8 मीटर) का है. इसका वजन 200 से 250 किलो तक होता है. इसकी बॉडी भारी होने के कारण जमीन पर धीमा चलता है, लेकिन पानी में बेहद तेज और फुर्तीला होता है. वायरल वीडियो में सांप बहुत शांति से तैरता दिख रहा है, जो उसकी प्रकृति के विपरीत है. वीडियो में सांप को नदी के हिसाब से रखा गया है, जो इसके असली नहीं होने का एक प्रमाण है. हालांकि अनाकोंडा सांप इंसान से दूर रहता है है और इसे इंसानों पर हमला करने में रुचि नहीं है, इसलिए इसे मानव समाज के लिए श्राप तो नहीं माना जा सकता है.
दुनिया के सबसे लंबे सांप
| सांप | अधिकतम लंबाई | अधिकतम वजन | क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| रेटिक्युलेटेड पाइथन | 33 फुट (10 मीटर) | 160 किलो | दक्षिण-पूर्व एशिया |
| ग्रीन एनाकोंडा | 29 फुट (8.8 मीटर) | 250 किलो | दक्षिण अमेरिका |
| बर्मीज़ पाइथन | 23 फुट (7 मीटर) | 140 किलो | दक्षिण-पूर्व एशिया, अमेरिका (फ्लोरिडा) |
| अफ्रीकन रॉक पाइथन | 20 फुट (6 मीटर) | 110 किलो | अफ्रीका |
| अमेटिस्टाइन पाइथन | 20 फुट (6 मीटर) | 90 किलो | ऑस्ट्रेलिया, पापुआ न्यू गिनी |
ये भी पढ़ें : Viral Video : जंगल के राजा शेर के सामने तनकर खड़ा हुआ दुनिया का सबसे खतरनाक सांप ब्लैक माम्बा और फिर…
Viral Video : मछली ने उड़ने में दी चील को चुनौती, वीडियो देखकर रह जाएंगे दंग
Viral Video : OMG, अगर दम ना हो; तो ना देखें ये वीडियो वरना…
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










