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Unnao Case Victim: राहुल और सोनिया गांधी रो रहे थे…मुलाकात के बाद बोली उन्नाव केस की पीड़िता

Updated at : 24 Dec 2025 8:40 PM (IST)
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Unnao Case Victim

कोर्ट के फैसले के खिलाफ धरना प्रदर्शन, फोटो पीटीआई

Unnao Case Victim: 2017 के उन्नाव दुष्कर्म केस की पीड़िता ने कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बुधवार को उनके आवास पर मुलाकात की. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई, जब मंगलवार को कोर्ट ने दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया और जमानत दे दी.

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Unnao Case Victim: सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलने के बाद उन्नाव केस की पीड़िता ने कहा, “दोनों की आंखों में आंसू थे. उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि वे हमें इंसाफ दिलाने में मदद करेंगे. राहुल गांधी और सोनिया गांधी मेरी बात सुनकर रो रहे थे. मैं प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से भी मिलना चाहती हूं. यह देश में पहली बार हो रहा है कि रेप के आरोपी को जमानत पर रिहा किया जा रहा है. इस आदेश ने देश की बेटियों को कमजोर कर दिया है.

हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी उन्नाव केस की पीड़िता

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता ने बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित किए जाने के फैसले को अपने परिवार के लिए काल करार देते हुए कहा कि वह इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी.

देश की बेटियां कैसे सुरक्षित रहेंगी?

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीड़िता ने कहा कि उसके परिवार के सदस्यों, वकीलों और गवाहों की सुरक्षा पहले ही हटा ली गई थी और अब सेंगर की सजा निलंबित किए जाने के फैसले ने उनके डर को और बढ़ा दिया है. पीड़िता ने कहा, ऐसे मामलों में अगर आरोपी को जमानत मिल जाती है तो देश की बेटियां कैसे सुरक्षित रहेंगी? हमारे लिए यह फैसला काल (मौत) से कम नहीं है. पीड़िता ने कहा कि वह दिल्ली हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी. पीड़िता ने दुख जताते हुए कहा, जिनके पास पैसा होता है, वे जीतते हैं और जिनके पास पैसा नहीं होता, वे हार जाते हैं.

दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया

दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में मंगलवार को सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित कर दी और दोषसिद्धि के खिलाफ दायर उसकी अपील पर अंतिम फैसला आने तक उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. इससे पहले, दिसंबर 2019 में एक कोर्ट ने 2017 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म मामले में सेंगर को दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

पीड़िता के घर के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं जाएगा सेंगर

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि सेंगर पीड़िता के घर के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं जाएगा और न ही पीड़िता या उसकी मां को किसी तरह की धमकी देगा. अदालत ने कहा कि इन शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में सेंगर को दी गई जमानत स्वतः रद्द हो जाएगी.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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