Unnao Case: कुलदीप सिंह सेंगर को बेल मिलने पर भड़के राहुल गांधी, कहा- हम मृत समाज बनते जा रहे
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 24 Dec 2025 6:53 PM
राहुल गांधी लोगों को संबोधित करते हुए, फोटो पीटीआई
Unnao Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे बीजेपी से निष्कासित कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा मंगलवार को निलंबित कर दी. कोर्ट ने कहा कि वह पहले ही 7 साल, पांच महीने जेल में बिता चुका है. कोर्ट के फैसले का जोरदार विरोध हो रहा है. कोर्ट के फैसले पर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने निराशा व्यक्त की है. उन्होंने कहा- हम मृत समाज बनते जा रहे हैं.
Unnao Case: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित किए जाने और जमानत मिलने पर दुख जताया. उन्होंने कोर्ट के फैसले को निराशाजनक और शर्मनाक बताया.
हम सिर्फ मृत अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि मृत समाज भी बनते जा रहे : राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आगे कहा- हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दुष्कर्म पीड़िता को विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हटाए जाने के दावे वाले एक एक्स पोस्ट को रिपोस्ट किया.
क्या एक सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है?
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी गलती यह है कि वह न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी (पूर्व भाजपा विधायक) को जमानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है, खासकर तब, जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो, और वह डर के साये में जी रही हो.
दुष्कर्मियों को जमानत, और पीड़िताओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आगे सवाल किया दुष्कर्मियों को जमानत, और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार, यह कैसा न्याय है? राहुल गांधी ने दावा किया, हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं. लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है, और उसे दबाना अपराध. उन्होंने कहा, पीड़िता को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए – न कि बेबसी, भय और अन्याय.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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