Schools Reopen: पंजाब में टीचर और पेरेन्ट्स का विरोध-प्रदर्शन, बोले- स्कूल नहीं खुले, तो वोट नहीं

पंजाब में होने जा रहे विधानसभा चुनाव (Punjab Chunav 2022) से पहले प्रदेश में स्कूल खोले जाने की मांग को लेकर शनिवार को शिक्षक और अभिभावकों ने विरोध-प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि स्कूल फिर से नहीं खोले गए, तो वे चुनाव में मतदान नहीं करेंगे.
Schools Reopen News पंजाब में होने जा रहे विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Elections 2022) से पहले प्रदेश में स्कूल खोले जाने की मांग को लेकर शनिवार को शिक्षक और अभिभावकों ने विरोध-प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर पंजाब में स्कूल फिर से नहीं खोले गए, तो वे आगामी विधानसभा चुनावों में मतदान नहीं करेंगे.
बता दें पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. इस बीच स्कूली छात्रों के अभिभावक और शिक्षक चरणजीत सिंह चन्नी सरकार के एक फैसले से नाराज हो गए हैं. दरसअल, कोरोना के कारण पंजाब में स्कूल बंद हैं. वहीं, चुनावी रैलियां जारी हैं. इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन ने पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान नाराज अभिभावकों और शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वो इस चुनाव में वोट नहीं डालेंगे.
पंजाब सरकार ने प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूलों को 8 फरवरी तक बंद करने का फैसला किया था. अब स्कूल प्रशासन, शिक्षक और माता-पिता स्कूलों को बंद करने की समय सीमा बढ़ाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. राज्य में पंजाब अनएडेड स्कूल एसोसिएशन के बैनर तले छात्रों के माता-पिता और शिक्षकों ने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में स्कूल प्रबंधन के लोग, शिक्षक, गैर-शैक्षणिक कर्मी और छात्रों के माता-पिता शामिल हुए. सभी ने स्कूलों को दोबारा खोलने की मांग की है.
एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल एमए सैफी ने कहा कि बरनाला जिले के कम से कम दस स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक और अभिभावक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. कोरोना के कारण पिछले साल करीब नौ महीने तक स्कूल बंद रहे थे और अब फिर से 5 जनवरी से लगातार स्कूल बंद हैं. हमारे स्कूलों में स्टाफ और बच्चों को भी कोविड का टीका लगाया गया है. जब सब कुछ खुला है तो स्कूल क्यों बंद हैं.
वहीं, एक अभिभावक ने कहा कि मोबाइल फोन पर पढ़ने से बच्चों की आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है. बच्चे पढ़ाई में अच्छा नहीं कर रहे है. इस कारण हम चाहते हैं कि स्कूलों को खोल देना चाहिए. चुनावी रैलियां हो रही हैं, लेकिन स्कूल बंद हैं. इधर, एक शिक्षिका ने कहा कि सरकार हमें ऑनलाइन कक्षाओं के लिए कोई मंच या सुविधा नहीं दे रही है और हमारे पास जो मंच है वह भी हमसे छीन लिया जा रहा है. आज सरकार ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के पास कोई विकल्प नहीं छोड़ा है.
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