जंगल की गुफा में क्या कर रही थी रूसी महिला? हलचल हुई तो पहुंची पुलिस

Russian Woman Found Inside Forest Cave
Russian Woman Found : मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रूसी महिला की पहचान मोही के रूप में हुई है, जो रामतीर्थ वन क्षेत्र की एक गुफा में अपनी दो बेटियों प्रिया (6) और अमा (4) के साथ पिछले कुछ वर्षों से रह रही थी. पुलिस जब उसतक पहुंची तो वह घबरा गई. उसने पुलिस के आगे हाथ पैर जोड़े और कहा कि उसे यहीं रहने दिया जाए.
Russian Woman Found : कर्नाटक के गोकर्णा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां एक 40 वर्षीय रूसी महिला अपनी दो छोटी बेटियों के साथ गुफा में रहती हुई पाई गई. यह महिला उत्तर कन्नड़ जिले के घने जंगलों में पुलिस की नियमित गश्त के दौरान मिली. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला की पहचान मोही के रूप में हुई है, जो रामतीर्थ वन क्षेत्र की गुफा में पिछले कुछ वर्षों से रह रही थी.
महिला ने ध्यान साधना के लिए एकांत जीवन जीने का निर्णय लिया
मोही गोवा के रास्ते भारत आई थीं और गोकर्णा पहुंचीं. बताया गया है कि उन्होंने ध्यान और साधना के लिए एकांत जीवन का चयन किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह गुफा में रोज़ पूजा-पाठ करती थीं। वहां से भगवान रुद्र की एक छोटी मूर्ति भी मिली है. वह अपने बच्चों के साथ प्रकृति के बीच शांतिपूर्वक जीवन बिता रही थीं. इस घटना की चर्चा देखते ही देखते पूरे देश में होने लगी.
गश्त कर रही पुलिस टीम की नजर महिला पर पड़ी
9 जुलाई को एक मामूली भूस्खलन की सूचना के बाद क्षेत्र में गश्त कर रही पुलिस टीम ने गुफा के पास हलचल देखी. शक होने पर जब वे वहां पहुंचे, तो उन्होंने एक महिला को अपनी दो बेटियों के साथ गुफा के अंदर पाया. यह इलाका भूस्खलन, जंगली जानवरों और विषैले सांपों के कारण बेहद खतरनाक माना जाता है. पुलिस ने महिला को कई बार समझाया और सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही और गुफा छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुई.
लंबी कोशिशों के बाद महिला को कुमटा के एक आश्रम भेजा गया. उसने पुलिस से सिर्फ इतना कहा कि उसे आश्रम तक पहुंचा दें. पासपोर्ट के बारे में पूछने पर उसने बताया कि वह खो गया है. लेकिन बाद में पुलिस को उसका पासपोर्ट मिल गया. जांच में पता चला कि उसका वीजा 2017 में ही खत्म हो गया था और इसके बाद वह भारत छोड़कर नेपाल चली गई थी.
गोवा के रास्ते गुफा तक पहुंची महिला
रिपोर्ट्स के अनुसार, वह नेपाल से अवैध रूप से दोबारा भारत में दाखिल हुई. गोवा के रास्ते गुफा तक पहुंची. इस मामले की जानकारी बेंगलुरु स्थित विदेशियों के क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को दी गई है और अब महिला को व उसके बच्चों को रूस वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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