कोरोना की दवा रेमडेसिविर के लिए मचा है कोहराम, पुणे में कलेक्टर ऑफिस के सामने मरीजों के परिजनों का प्रदर्शन
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 15 Apr 2021 12:57 PM
समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिलने को लेकर अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने पुणे के जिला कलेक्टर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया. अस्पताल में भर्ती अपने परिजन के लिए 3 दिन से इंजेक्शन ढूंढ रही एक महिला ने बताया, 'अस्पताल ने कहा है कि इंजेक्शन हमें ही लाना होगा.'
Remdesivir shortage : महाराष्ट्र में कोरोना ब्लास्ट होने के साथ ही इसके इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली प्रमुख दवा रेमडेसिविर की कमी भी बनी हुई है. कोरोना संक्रमितों की जान बचाने वाली दवा रेमडेसिविर का खुले बाजार में मुनाफाखोरी के लिए कालाबाजारी की जा रही है, तो सरकारी अस्पतालों में इसकी घनघोर कमी बनी हुई है. आलम यह कि इस दवा की कमी के चलते महाराष्ट्र के पुणे में अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन गुरुवार को जिला कलेक्टर के दफ्तर के सामने धरने पर बैठने को मजबूर हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिलने को लेकर अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने पुणे के जिला कलेक्टर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया. अस्पताल में भर्ती अपने परिजन के लिए 3 दिन से इंजेक्शन ढूंढ रही एक महिला ने बताया, ‘अस्पताल ने कहा है कि इंजेक्शन हमें ही लाना होगा.’
महाराष्ट्र: रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिलने को लेकर अस्पताल में भर्ती मरीज़ों के परिजनों ने पुणे के जिला कलेक्टर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। अस्पताल में भर्ती अपने परिजन के लिए 3 दिन से इंजेक्शन ढूंढ रही एक महिला ने बताया, "अस्पताल ने कहा है कि इंजेक्शन हमें ही लाना होगा।"#COVID19 pic.twitter.com/nG7hk6LhJJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 15, 2021
समाचार एजेंसी को पुणे के एडिशनल कलेक्टर विजय देशमुख ने बताया कि हमारे यहां करीब 45,000 इंजेक्शन की मांग है, हम इंजेक्शन का स्टॉक बराबर बांट रहे हैं. चार-पांच दिन में हालात ठीक हो जाएंगे. कोविड प्रोटोकॉल के मुताबिक सिर्फ गंभीर मरीजों को ही रेमडेसिविर देना है. प्रोटोकॉल के हिसाब से ज़्यादा मांग हो रही है.
बता दें कि महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार की शाम तक पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 7,888 नए मामले दर्ज किए गए. इस दौरान अस्पताल से करीब 10,578 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है, जबकि करीब 94 लोगों की मौत हो गई है. इसके साथ ही, जिले में कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 6,76,014 तक पहुंच गई है, जबकि अस्पताल से कुल 5,68,002 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है. पुणे में कोरोना के अब भी कुल 97,192 सक्रिय मामले हैं, जबकि संक्रमण से 10,989 लोगों की मौत हो गई है.
इसके साथ ही, आपको यह भी बता दें कि महाराष्ट्र के पुणे जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही रेमडेसिविर की कालाबाजारी भी जोरों पर है. अभी हाल ही में पुणे सिटी पुलिस की एक टीम ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया था. इस कालाबाजारी के धंधे में एक नर्स और उसका सहयोगी शामिल थे. इस मामले में पुलिस ने भारतीय विद्यापीठ थाने में प्राथमिकी दर्ज किया था.
Posted by : Vishwat Sen
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










