Explainer: संसद में कब नजर आएंगे राहुल गांधी ? कांग्रेस की मांग के बीच जानें ये खास बात

New Delhi: Congress leader Rahul Gandhi leaves after a meeting at AICC headquarters, in New Delhi, Friday, Aug. 4, 2023. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI08_04_2023_000371A)
Rahul Gandhi News : सुप्रीम कोर्ट ने ‘मोदी सरनेम’ को लेकर की गयी कथित विवादित टिप्पणी के संबंध में 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाते हुए शुक्रवार को उनकी लोकसभा की सदस्यता बहाल करने का रास्ता साफ कर दिया. जानें कांग्रेस की मांग और दो उदाहरण जब फंसा पेंच
Rahul Gandhi News : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में गुजरात की एक अदालत द्वारा सुनायी गयी दो साल की जेल की सजा पर रोक लगा दी जिसके बाद यह तय हो गया कि उनकी संसद सदस्यता की बहाली का रास्ता साफ है. इसका मतलब कांग्रेस नेता राहुल गांधी फिर से एक सांसद की हैसियत से सदन में नजर आएंगे. यही नहीं वे सत्ता के साथ मुद्दों पर चर्चा करेंगे. आपको बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा 8 अगस्त को शुरू होने वाली है. इस बीच ये कयास लगाये जा रहे हैं कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद अब अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा भी सदन में कर सकते हैं.
राहुल गांधी की राह क्यों नहीं आसान?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की सांसदी बहाली की राह इतनी आसान नहीं नजर आ रही है. पिछले दिनों विपक्षी दलों का नया गठबंधन इंडियन नेशनल डेवेलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस यानी I.N.D.I.A बना है. गठबंधन भी चाह रहा है कि जल्द से जल्द राहुल गांधी की सदन में वापसी हो. कांग्रेस तो इसका पूरा प्रयास कर रही है कि राहुल गांधी जल्द लोकसभा में दिखे, लेकिन उसकी कोशिश असफल होती दिख रही है. कांग्रेस आरोप लगा रही है कि बीजेपी और केंद्र सरकार यानी सत्ता पक्ष जानबूझ कर इस मामले में देरी कर रहा है. आइए इस बीच दो उदाहरण से समझें क्या है पूरा मामला
कालका विधायक प्रदीप चौधरी का मामला
यदि आपको याद हो तो हरियाणा में कालका विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी को एक मामले में हिमाचल प्रदेश के बद्दी की एक अदालत ने 28 जनवरी 2021 को तीन साल की सजा सुनाई थी. 30 जनवरी 2021 को हरियाणा विधानसभा से उनकी सदस्यता रद्द हुई थी. मामले में 19 अप्रैल 2021 को हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाने का काम किया. इसके करीब 1 महीने बाद 20 मई 2021 को उनकी सदस्यता बहाल हुई थी.

एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल का मामला
लक्षद्वीप से एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल की बात करें तो उनका मामला अभी भी ताजा ही है. लक्षद्वीप की एक अदालत ने 11 जनवरी 2023 को हत्या के प्रयास के मामले में एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल को दस साल की सजा सुनाई थी. सजा सुनाए जानें के दो दिन बाद लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर उनकी सदस्यता रद्द करने का काम किया. 25 जनवरी 2023 को केरल हाई कोर्ट ने दस साल की सजा पर रोक लगायी. इसके बाद उनकी सांसदी बहाल हो जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आया. 29 मार्च 2023 को एक लंबे इंतजार के बाद फैजल की संसद सदस्यता बहाल हुई.
Also Read: Rahul Gandhi: 26 घंटे बीत चुके हैं, राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाली पर बोली कांग्रेसउपरोक्त मामलों को देखें तो विधायकों और सांसदों के दोषी साबित होने के बाद उनकी सदस्यता तो तत्काल प्रभाव से चली गयी, लेकिन संसद या विधानसभा में सदस्यता की बहाली के लिए इन्हें लंबा इंतजार करना पड़ गया. इस तरह राहुल गांधी की सदस्यता आने वाले सोमवार को बहाल हो जाएगी, ऐसी उम्मीद कम ही नजर आ रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था सुनवाई के दौरान
जस्टिस बीआर गवई, पीएस नरसिम्हा और पीवी संजय कुमार की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा था कि निचली अदालत ने मानहानि के अपराध के लिए भादवि की दफा 499 के तहत निर्धारित दो साल की कैद की अधिकतम सजा देने के लिए कोई विशेष कारण नहीं बताया. इसमें कोई संदेह नहीं कि बयान अच्छे नहीं थे, लेकिन चूंकि निचली अदालत द्वारा अधिकतम सजा देने का कोई कारण नहीं बताया गया, इसलिए सजा के आदेश पर अंतिम फैसला आने तक रोक लगाने की जरूरत है.
लोकसभा सदस्यता बहाल करने का मार्ग प्रशस्त
विशेषज्ञों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष अब राहुल गांधी की सदस्यता बहाल कर सकते हैं या राहुल शीर्ष अदालत के आदेश के परिप्रेक्ष्य में एक सांसद के रूप में अपनी सदस्यता बहाल करने की अपील कर सकते हैं.
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राहुल गांधी ने 11 अप्रैल, 2019 को बेंगलुरु के कोलार में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मोदी सरनेम को लेकर एक बयान दिया था. इसके खिलाफ भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने मानहानि की शिकायत दर्ज करायी थी. चार साल तक सेशन कोर्ट में इस पर केस चला. इस साल 23 मार्च को सेशन कोर्ट का फैसला आया, जिसमें राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनायी गयी, जो इस अपराध की अधिकतम सजा है.

दिग्विजय ने कठेरिया को दोषी ठहराये जाने के बाद क्या कहा
उत्तर प्रदेश के इटावा से बीजेपी के सांसद कठेरिया को आगरा की एक एमपी/एमएलए अदालत ने साल 2011 में एक निजी बिजली कंपनी के कर्मचारी के साथ मारपीट करने के मामले में शनिवार को दो साल की सजा सुनाई है. सजा सुनाए जाने के बाद कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि अब देखना यह है कि लोकसभा अध्यक्ष इटावा से बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया को कब अयोग्य करार देते हैं.
Also Read: भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया को दो साल की सजा, 12 साल पहले टोरेंट अधिकारी से मारपीट मामले में पाया गया दोषीइस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि सांसद रामशंकर कठेरिया को सजा सुनाई गयी है. राहुल गांधी को 24 घंटे के भीतर अयोग्य घोषित कर दिया गया था. अब देखना यह होगा कि कठेरिया को सांसद की सदस्यता से अयोग्य किया जाता है या नहीं… देखते हैं लोकसभा अध्यक्ष कितनी निष्पक्षता से काम करते हैं…
राहुल गांधी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोल सकते हैं?
कांग्रेस ने ‘मोदी सरनेम’ वाली टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के एक दिन बाद शनिवार को कहा कि उसके नेता की सदस्यता उसी तत्परता से बहाल होनी चाहिए जिस तरह उन्हें अयोग्य ठहराया गया था. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि ‘क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका डर लग रहा है कि राहुल गांधी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोल सकते हैं?
Also Read: Video: राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, सजा पर रोक, लड़ सकेंगे 2024 का चुनावकांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि 23 मार्च को सूरत की सत्र अदालत ने राहुल गांधी को ‘दोषी’ क़रार दिया था. उसके 26 घंटे बाद उनकी संसद सदस्यता को रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी गयी. उस पूरी तरह से गलत दोषसिद्धि पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के 26 घंटे बीत चुके हैं. उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता अब तक बहाल क्यों नहीं की गई? क्या प्रधानमंत्री को अविश्वास प्रस्ताव में उनके शामिल होने का डर है?

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा
लोकसभा में आठ से 10 अगस्त तक अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष की तरफ से लाये गये इस प्रस्ताव पर चर्चा के आखिरी दिन जवाब दिये जाने की संभावना जतायी जा रही है. लोकसभा में संख्या बल स्पष्ट रूप से सत्तारूढ़ एनडीए के पक्ष में है. अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा आठ अगस्त से शुरू कराने का निर्णय लोकसभा अध्यक्ष द्वारा बुलायी गयी सदन की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लिया गया. एक वरिष्ठ नेता ने बताया था कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा आठ अगस्त को शुरू होगी और 10 अगस्त तक चलेगी जब प्रधानमंत्री चर्चा का जवाब देंगे.
Also Read: मोदी सरनेम मामला: सजा पर रोक के बाद राहुल गांधी का ट्वीट- मेरा कर्तव्य वही रहेगा, भारत के विचार की रक्षा करनाकांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिस पर सदन में चर्चा के लिए मंजूरी दे दी गयी. उस दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि वह सभी दलों के नेताओं से बातचीत करने के बाद इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तिथि तय करेंगे.
Also Read: Video: राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, सजा पर रोक, लड़ सकेंगे 2024 का चुनावराहुल गांधी की सदस्यता बहाल करने का आग्रह
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर राहुल गांधी की सदस्यता बहाल करने का आग्रह किया है. ओम बिरला से मुलाकात के बाद चौधरी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को राहत मिलना सच्चाई की जीत है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी बोलें.

कांग्रेस सांस चौधरी ने राहुल गांधी को मानहानि के मामले में राहत मिलने के बाद शुक्रवार को लोकसभा में आसन से आग्रह किया कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष को सदन की बैठक में शामिल होने की अनुमति दी जाए. उन्होंने पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल के समक्ष यह मांग उठाई. उन्होंने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गयी है. उन्हें सदन में आने की अनुमति दी जाए. यह हमारी मांग है. इसपर अग्रवाल ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष इस पर संज्ञान लेंगे.
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By Amitabh Kumar
डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.
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