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Rahul Gandhi: 'आज नहीं तो कल सच्चाई की होनी थी जीत', सजा पर रोक के बाद पहली बार मीडिया से बोले राहुल गांधी

Updated at : 04 Aug 2023 5:47 PM (IST)
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Rahul Gandhi: 'आज नहीं तो कल सच्चाई की होनी थी जीत', सजा पर रोक के बाद पहली बार मीडिया से बोले राहुल गांधी

सप्रीम कोर्ट स मिली बड़ी राहत के बाद राहुल गांधी मीडिया से बात की. उन्होंने कहा की आज नहीं तो कल या परसो सच्चाई की जीत होनी ही थी. उन्होंने कहा कि मुझे आगे क्या करना है ये उन्होंने पहले ही तय कर लिया था. इससे पहले कांग्रेस के अधयक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह सत्य और लोककतंत्र की जीत है.

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Rahul Gandhi: सुप्रीम कोर्ट की ओर से राहुल गांधी को बड़ी राहत मिलने के बाद कांग्रेस में जश्न का माहौल है. इसी कड़ी में कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों सच्चाई की जीत होनी ही थी. उन्होंने कहा कि मेरा रास्ता साफ है. मेरे मन में स्पष्ट है कि मुझे क्या करना है और मेरा काम क्या है. मैं उन लोगों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने हमारी मदद की. राहुल गांधी ने कहा कि मैं लोगों को उनके प्यार और समर्थन के लिए भी धन्यवाद देता हूं. राहुल गांधी ने इससे पहले एक ट्वीट भी किया था. अपने ट्वीट में राहुल ने कहा कि आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों सच्चाई की जीत होती है, मुझे क्या करना है, इसको लेकर मेरे मन में स्पष्टता है.

लोकतंत्र और संविधान की जीत हुई है- खरगे

इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मीडिया से बात की. खरगे ने कहा कि मैं उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूं. यह जीत सिर्फ राहुल गांधी की नहीं, बल्कि देश की जनता और लोकतंत्र की जीत है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत खुशी का दिन है, लोकतंत्र की जीत हुई है, संविधान की जीत हुई है, सत्यमेव जयते.मीडिया से बात करते हुए खरगे ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने में उन्हें सिर्फ 24 घंटे लगे… देखते हैं उनकी सदस्यता बहाल करने में कितना समय लगता है.

देखते हैं कितने घंटे में उन्हें बहाल किया जाता है- खरगे

खरने ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह हमारे लिए खुशी का दिन है, क्योंकि यह लोकतंत्र, संविधान और सच्चाई की जीत है. मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं, यह एक उदाहरण है कि न्याय दिया जा सकता है. यह सिर्फ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जीत नहीं है बल्कि पूरे देश की जीत है. उन्होंने कहा कि वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जो सच्चाई, राष्ट्रहित, युवाओं के अधिकारों और देश में महंगाई के लिए लड़ते हैं. राहुल गांधी को 24 घंटे के भीतर अयोग्य घोषित कर दिया गया था. देखते हैं कितने घंटे में उन्हें बहाल किया जाता है.

उनकी अयोग्यता का कोई प्रभाव नहीं पड़ा- आजाद

इधर, सुप्रीम कोर्ट की ओर से ‘मोदी’ सरनेम वाली टिप्पणी मानहानि मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने पर डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह अच्छी बात है. उनकी अयोग्यता का कोई प्रभाव नहीं पड़ा. वह वही काम कर रहे थे जो वह पहले एक सांसद के रूप में ऐसा कर रहे थे.

वहीं, मानहानि मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया तो हमें बहुत खुशी हुई. राहुल गांधी की संसद से अनुपस्थिति महसूस की गई. प्वाइंट ऑफ इंफॉर्मेशन के जरिए मैंने संसद में सभापति को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में बताया और कहा कि उनकी सदस्यता जल्द से जल्द बहाल की जानी चाहिए. आज सत्य की जीत हुई.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर वायनाड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी उपनाम वाली टिप्पणी के संबंध में 2019 के मानहानि मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का शुक्रवार को स्वागत करते हुए जश्न मनाया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि लोकसभा सचिवालय जल्द ही राहुल गांधी की संसद सदस्यता को बहाल करेगा. कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने इस फैसले पर खुशी का जाहिर करते हुए कहा कि अब हमारे नेता राहुल गांधी एक बार फिर से वापस आ गए हैं. 

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एक अन्य कार्यकर्ता ने कहा कि लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हम सभी लोग उच्चतम न्यायालय के आज के फैसले से बहुत खुश हैं. यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ है. गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल करने का मार्ग प्रशस्त करते हुए मोदी उपनाम को लेकर की गई टिप्पणी के संबंध में 2019 में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में शुक्रवार को उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगा दी.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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