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G20 Summit: जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी, इन मुद्दों पर वैश्विक स्तर पर होगी चर्चा

Updated at : 10 Nov 2022 10:34 PM (IST)
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G20 Summit: जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी, इन मुद्दों पर वैश्विक स्तर पर होगी चर्चा

जी20 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज एवं अन्य नेता हिस्सा लेंगे. बैठक में यूक्रेन संघर्ष एवं खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन सहित अन्य ज्वलंत वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 14 से 16 नवंबर तक इंडोनेशिया के बाली की यात्रा करेंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिये इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो के आमंत्रण पर जा रहे हैं. शिखर बैठक से इतर, प्रधानमंत्री मोदी दूसरे देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे.

समझा जाता है कि जी20 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज एवं अन्य नेता हिस्सा लेंगे. बैठक में इन नेताओं के यूक्रेन संघर्ष एवं खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा पर इसके प्रभाव तथा जलवायु परिवर्तन सहित अन्य ज्वलंत वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने की संभावना है. उन्होंने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री अन्य देशों के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं. प्रवक्ता ने बताया कि जी20 बैठक में तीन कार्यकारी सत्र आयोजित किये जायेंगे जिनमें खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल लेनदेन शामिल हैं .

बागची ने कहा कि बैठक के समापन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण करेंगे . भारत एक दिसंबर से इस समूह की अध्यक्षता करेगा . कुछ ही दिन पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत जी-20 की अध्यक्षता करने जा रहा है और यह आयोजन हमारे लिए 130 करोड़ भारतीयों की शक्ति और सामर्थ्य का प्रतिनिधित्‍व है. उन्होंने कहा था कि भारत में जी20 शिखर सम्मेलन सिर्फ एक कूटनीतिक बैठक नहीं होगी बल्कि देश इसे एक “नयी जिम्मेदारी” के तौर पर देखता है. उन्होंने कहा था, ‘‘भारत इसे अपने प्रति दुनिया के विश्वास के रूप में देखता है. आज विश्व में भारत को जानने की, भारत को समझने की एक अभूतपूर्व जिज्ञासा है. आज भारत का नए आलोक में अध्ययन किया जा रहा है.”

प्रधानमंत्री ने जी20 के लोगो, विषयवस्तु और वेबसाइट का लोकार्पण भी किया था. जी-20 का लोगो भारत के राष्ट्रीय ध्वज के जीवंत रंगों से प्रेरित है- केसरिया,सफेद, हरा, और नीला. इसमें कमल का फूल भी शामिल है. भारत की जी-20 की अध्यक्षता की विषयवस्तु – “वसुधैव कुटुम्बकम” या “एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य”- महाउपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से ली गयी है. यह विषयवस्तु जीवन के सभी मूल्यों – मानव, पशु, पौधे और सूक्ष्मजीव- और धरती पर व व्यापक ब्रह्मांड में उनके परस्पर संबंध की पुष्टि करती है.

यह विषयवस्तु व्यक्तिगत जीवन शैली के साथ-साथ राष्ट्रीय विकास के स्तर पर, अपने संबद्ध, पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और जिम्मेदार विकल्पों के साथ ‘लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) पर भी प्रकाश डालती है. जी-20 समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं. जी20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का एक प्रमुख मंच है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है. भारत वर्तमान में जी20 ‘ट्रोइका’ (जी-20 के वर्तमान, पिछले और आगामी अध्यक्ष) का हिस्सा है जिसमें इंडोनेशिया, इटली और भारत शामिल हैं.

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