India Pakistan War: ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया पाकिस्तान, LOC पर भारी गोलीबारी, 15 नागरिकों की मौत

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heavy firing on LOC

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India Pakistan War: भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान पूरी तरह से बौखला गया है. नियंत्रण रेखा (LOC) पर लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन करते हुए नागरिक इलाकों को टारगेट कर गोलीबारी कर रहा है. भारी गोलीबारी में 15 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 50 लोग घायल हैं. LOC पर भारी गोलीबारी को देखते हुए सीमा से सटे गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है.

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India Pakistan War: भारत ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और POK में एयर स्ट्राइक कर आतंकवादियों के 9 ठिकानों को ध्वस्त कर पहलगाम हमले का बदला ले लिया. भारत की घातक कार्रवाई से पाकिस्तान दहशत में है और सीमा पर लगातार गोलीबारी कर रहा है. पाकिस्तानी सेना ने जम्मू क्षेत्र के पुंछ व राजौरी तथा उत्तरी कश्मीर के बारामूला व कुपवाड़ा के अग्रिम गांवों पर गोलाबारी और मोर्टार से हमला किया. जिसमें 4 बच्चों और 2 महिलाओं समेत 15 लोगों की मौत हो गई. 50 से अधिक घायल हो गए.

सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

पाकिस्तान की ओर से हो रही गोलीबारी के मद्देनजर नियंत्रण रेखा (LOC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास रहने वाले सैकड़ों लोगों को बुधवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.

क्या कहना है सीमा से सटे गांव के लोगों का?

अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित जोरियन गांव के निवासी लियाकत अली ने कहा, “हमारे गांव में सीमा पार से कोई गोलीबारी नहीं हुई है, लेकिन हमें आर एस पुरा में स्थित आईटीआई कॉलेज में स्थानांतरित होने को कहा गया है, जहां मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सरकार ने हमारे रहने के लिए आवश्यक प्रबंध किए हैं.” अली ने कहा कि गांव को अतीत में बहुत नुकसान हुआ है और पाकिस्तानी गोलाबारी के कारण यह गांव तबाह हो गया था. उन्होंने कहा, “हमें अपनी सुरक्षा के लिए बाहर जाने को कहा गया है और हम सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं.”

जैसलमेर के लोग ऑपरेशन सिंदूर से हैं खुश

ऑपरेशन सिंदूर पर भारत-पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाके के एक ग्रामीण ने कहा, “चाहे अल्पसंख्यक समुदाय हो या विशेष समुदाय, वे खुश हैं. लोग खुश हैं. पहलगाम की घटना का बदला लिया गया है…पाकिस्तान में लड़ने की ताकत नहीं है, उनके पास कुछ भी नहीं है. वे भारत के खिलाफ कैसे लड़ेंगे…सेना को हमेशा देश के खिलाफ खड़े लोगों को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए.” एक अन्य ग्रामीण ने कहा, “हम कल रात की स्ट्राइक से खुश हैं. हम अपनी सेना के साथ खड़े हैं. हम उन्हें अपना समर्थन देते हैं. पहले हमारे पूर्वजों ने सेना को समर्थन दिया था, आज हम वही कर रहे हैं.”

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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