रोहतास में स्वास्थ्यकर्मियों का विरोध प्रदर्शन, बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर जताई नाराजगी, हड़ताल की दी चेतावनी

Published by : Ragini Sharma Updated At : 31 May 2026 9:38 AM

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Sasaram News: रोहतास जिले के सरकारी अस्पतालों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली को लेकर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. चिकित्सकों ने व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.

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Sasaram News:(जितेंद्र कुमार पासवान) रोहतास जिले के सासाराम सदर अस्पताल सहित विभिन्न सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मी बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था के खिलाफ एकजुट हुए. डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे कभी भी हड़ताल पर जा सकते हैं.

डॉक्टरों का कहना है कि जिले के कई अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अब तक बायोमेट्रिक मशीनों की समुचित व्यवस्था नहीं की जा सकी है. इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य बताते हुए कई डॉक्टरों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है, जिससे उनमें आक्रोश बढ़ गया है.

तकनीकी खामियों पर उठे सवाल

डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का आरोप है कि बायोमेट्रिक प्रणाली में तकनीकी खामियों और अधूरी व्यवस्था का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है. उनका कहना है कि कई स्थानों पर मशीनें उपलब्ध ही नहीं हैं या फिर वे नियमित रूप से कार्य नहीं कर रही हैं. ऐसी स्थिति में उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने के कारण वेतन रोक दिया जाना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है. स्वास्थ्यकर्मियों ने इसे विभागीय लापरवाही बताया है और तत्काल सुधार की मांग की है.

वेतन रोकने से बढ़ी नाराजगी

स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि समय पर वेतन न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है. उनका आरोप है कि विभाग बिना जमीनी व्यवस्था को मजबूत किए ही सख्ती दिखा रहा है, जो कर्मचारियों के हित में नहीं है. सदर अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत कई डॉक्टरों ने इस मुद्दे पर सामूहिक रूप से नाराजगी व्यक्त की है. उनका कहना है कि पहले सभी अस्पतालों में बायोमेट्रिक प्रणाली को सुचारु रूप से लागू किया जाए, उसके बाद ही इसे अनिवार्य किया जाना चाहिए.

हड़ताल की चेतावनी से बढ़ी चिंता

स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया और रुके हुए वेतन का भुगतान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे. ऐसी स्थिति में जिले की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं। मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

प्रशासन के सामने चुनौती

बायोमेट्रिक अटेंडेंस को लेकर उत्पन्न विवाद ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है. एक ओर पारदर्शिता के लिए व्यवस्था लागू की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर संसाधनों की कमी और तकनीकी समस्याएं इस योजना की राह में बाधा बन रही हैं.

अब देखना होगा कि विभाग इस विवाद को कैसे सुलझाता है और क्या स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय लिया जाता है या नहीं.

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