Pakistan Firing : जन्मदिन के कुछ दिन बाद ही पाक की गोलाबारी में मारे गए जुड़वां बच्चे, रुला देगी ये खबर
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 13 May 2025 8:35 AM
Pak shelling twins killed
Pakistan Firing : जोया और अयान खान उन लोगों में शामिल हैं जो 7 मई से अब तक मारे गए हैं, जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. हमले से ठीक दो महीने पहले भाई-बहन परिवार के साथ पुंछ आए थे. बच्चों के पिता की हालत गंभीर बनी हुई है जबकि मां का रो–रोकर बुरा हाल है.
Pakistan Firing : जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सीमा पार से पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में 12 वर्षीय जुड़वां बच्चे जोया और अयान खान की 7 मई को कुछ ही मिनटों के अंतराल पर मौत हो गई. इस हमले में उनके चाचा-चाची भी मारे गए. जुड़वां बच्चों ने पिछले महीने ही अपना 12वां जन्मदिन मनाया था. उनका परिवार बेहतर शिक्षा के अवसरों की तलाश में दो महीने पहले ही पुंछ में आकर बसा था. गोलाबारी की यह घटना इलाके में गहरा शोक और चिंता का कारण बन गई है.
48 वर्षीय रमीज खान, जोया और अयान के पिता हैं. वे गोलाबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए और फिलहाल जम्मू के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हैं. छर्रे लगने से उनका लीवर क्षतिग्रस्त हो गया है. वह अभी भी जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं. रिश्तेदारों ने बताया कि उन्हें गहरे मानसिक आघात से बचाने के लिए बच्चों की मौत की खबर अभी तक नहीं दी गई है.
अयान की आंतें बाहर निकल आई
बच्चों की मां उर्षा खान मानसिक रूप से ठीक नहीं हैं. अपने बच्चों को खोने के दर्द और अपने पति को जीवित रहने के लिए संघर्ष करते देख वह परेशान है. परिवार इतना दुखी है कि वह किसी से बात नहीं कर रहा है, लेकिन करीबी रिश्तेदार मारिया और सोहेल खान ने इस भयावह घटना के बारे में बताया. मारिया ने रोते हुए कहा, “जोया बुरी तरह घायल हो गई थी. अयान की आंतें बाहर निकल आई थीं. हमारे एक रिश्तेदार ने उसे बचाने की कोशिश की. हमें लगा कि वह बच जाएगा, लेकिन कुछ ही मिनटों में दोनों की मौत हो गई.” उन्होंने कहा, “बच्चे बहुत प्यारे थे. रमीज ने कभी उन्हें डांटा नहीं. अगर उसे पता चल गया, तो शायद वह बच न पाए.”
यह भी पढ़ें : Operation Sindoor : सेना के बाद पीएम मोदी ने पाकिस्तान को हिलाया, पढ़ें संबोधन की 15 बड़ी बातें
करीबी रिश्तेदार सोहेल खान ने कहा, “हम डरे हुए थे. घंटों तक गोलाबारी जारी रही. अस्पताल पहुंचने में कई घंटे लग गए. पहले राजौरी, फिर जम्मू हम पहुंचे.” परिवार ने अब सरकार से अपील की है कि रमीज खान को विशेष चिकित्सा टीम के तहत इलाज के लिए दिल्ली भेजा जाए.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










