पद्मभूषण इला भट्ट का निधन, आजीवन महिला अधिकारों के लिए किया संघर्ष, मल्लिकार्जुन खरगे ने जताया दुख

Updated:
विज्ञापन
पद्मभूषण इला भट्ट का निधन, आजीवन महिला अधिकारों के लिए किया संघर्ष, मल्लिकार्जुन खरगे ने जताया दुख

इला भट्ट को प्रसिद्ध गांधीवादी के रूप में जाना जाता है. उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए बहुत प्रयास किये थे. इला भट्ट ने महिलाओं को सशक्त करने के लिए उनकी एक संस्था बनायी थी जिसे SEWA के नाम से जाना जाता है.

विज्ञापन

Ela Bhatt passes away : पद्मभूषण, अधिवक्ता और देश की प्रसिद्ध एक्टिविस्ट इला भट्ट का आज निधन हो गया. इला भट्ट ने आजीवन महिला अधिकारों के लिए संघर्ष किया. इला भट्ट का निधन 89 साल की उम्र में हुआ है.

सेल्फ इंप्लायड वूमेन एसोसिएशन का किया गठन

इला भट्ट को प्रसिद्ध गांधीवादी के रूप में जाना जाता है. उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए बहुत प्रयास किये थे. इला भट्ट ने महिलाओं को सशक्त करने के लिए उनकी एक संस्था बनायी थी जिसे (सेल्फ इंप्लायड वूमेन एसोसिएशन) सेवा के नाम से जाना जाता है. इला भट्ट ने महिलाओं के लिए एक महिला बैंक की भी स्थापना की थी. उन्होंने 1973 में SEWA के काॅपरेटिव बैंक की स्थापना की थी. 1979 में उन्होंने महिलाओं के लिए विश्व बैंक की स्थापना की थी.


2011 में गांधी शांति पुरस्कार से किया गया था सम्मानित 

इला भट्ट को 1985 में देश का चौथा सर्वोच्च पुरस्कार पद्म श्री दिया गया है. उसके बाद 1986 में उन्हें पद्मू भूषण दिया गया. 2011 में उन्हें गांधी शांति पुरस्कार दिया गया. उन्हें 1977 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था. इला भट्ट ने जेंडर सेंसिटिविटी एवं बाल विवाह के विरोध में भी काफी काम किया.

मल्लिकार्जुन खरगे ने जताया दुख

इला भट्ट के निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संवेदना व्यक्त किया है. उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि वे अपने पीछे प्रेरक विरासत छोड़ गयी हैं. उन्होंने इला भट्ट के निधन पर दुख जतााया है.

Also Read: Air Pollution : दिल्ली के लोगों से ज्यादा खतरनाक स्थिति में जीते हैं झारखंड के कोल माइंस निवासी
जयराम रमेश ने किया ट्‌वीट

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इला भट्ट के निधन पर शोक जताते हुए ट्‌वीट किया कि इला भट्ट वास्तव में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति थीं और उन्होंने असंगठित क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाई थीं. उन्होंने गुजरात से इसकी शुरुआत की और बाद में पूरे देश में उन्होंने यह प्रयास किया. SEWA उनकी सबसे बड़ी विरासत है और इसने लाखों महिलाओं और उनके परिवारों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव किया है.

विज्ञापन
रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola