Operation Sindoor : युद्ध बॉलीवुड की कोई रोमांटिक फिल्म नहीं, भड़के पूर्व सेना प्रमुख

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 12 May 2025 1:08 PM

विज्ञापन

Former Army Chief General Manoj Mukund Naravane

Operation Sindoor : भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने के फैसले पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा कि युद्ध कोई रोमांटिक हिंदी फिल्म नहीं होता. भारत ने छह और सात मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी.

विज्ञापन

Operation Sindoor : पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने के फैसले पर उठ रहे सवालों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि युद्ध न तो रोमांटिक होता है और न ही यह कोई बॉलीवुड फिल्म है. पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अगर आदेश मिलता तो वे युद्ध के लिए तैयार रहते, लेकिन उनकी पहली प्राथमिकता हमेशा कूटनीति रहेगी, क्योंकि शांति से ही स्थायी समाधान संभव है.

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा कि जब रात में गोले गिरते हैं और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले खासकर बच्चे शरण स्थलों की ओर भागते हैं, तो वह अनुभव गहरी वेदना छोड़ता है. जिन लोगों ने अपने परिजन खोए हैं, उनका दर्द पीढ़ियों तक रहता है. इसे ‘पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर’ (PTSD) कहा जाता है. ऐसे लोग वर्षों बाद भी डर के मारे पसीने में भीगकर जागते हैं.

युद्ध या हिंसा अंतिम विकल्प होना चाहिए : नरवणे

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा कि युद्ध कोई रोमांटिक या बॉलीवुड फिल्म जैसा नहीं होता, यह एक गंभीर विषय है और हिंसा हमेशा अंतिम विकल्प होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि यह युद्ध का युग नहीं है. भले ही कुछ लोग हम पर युद्ध थोपें, हमें उसका स्वागत नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक सैनिक होने के नाते आदेश मिलने पर वे युद्ध के लिए तैयार हैं, लेकिन यह उनकी पहली पसंद नहीं होगी.

यह भी पढ़ें : Operation Sindoor: पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को करेंगे तबाह, पीएम मोदी ने पहले ही अमेरिका को बताया था

जनरल नरवणे ने कहा कि उनका पहला विकल्प कूटनीति होगा, संवाद के माध्यम से मतभेदों को सुलझाना और सशस्त्र संघर्ष की नौबत न आने देना होगा. उन्होंने कहा, “हम सभी राष्ट्रीय सुरक्षा के समान हिस्सेदार हैं. हमें सिर्फ देशों के बीच ही नहीं, बल्कि अपने बीच, अपने परिवारों, राज्यों, क्षेत्रों और समुदायों के बीच भी मतभेदों को संवाद से सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए. हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है.”

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola