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Nirmala Sitharaman: निर्मला सीतारमण ने ली मंत्री पद की शपथ

Updated at : 09 Jun 2024 7:38 PM (IST)
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Nirmala Sitharaman: निर्मला सीतारमण ने ली मंत्री पद की शपथ

Nirmala Sitharaman

Nirmala Sitharaman: निर्मला सीतारमण का जन्म 18 अगस्त 1959 को हुआ. उनका जन्म तमिलनाडु के मदुरै में एक तमिल अयंगर परिवार में सावित्री और नारायणन सीतारमण के घर हुआ था. निर्मला सीतारमण 2008 में भाजपा में शामिल हुईं और वे 2014 तक पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं.

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Nirmala Sitharaman: पूर्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एनडीए की लगातार तीसरी सरकार में मंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण किया है. हालांकि, पैसों की कमी का हवाला देते हुए उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था, लेकिन फिलहाल वे राज्यसभा की सदस्य हैं. देश के वित्त मंत्री बनने से पहले सितंबर 2017 से 2019 तक उन्होंने रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाली हैं. इसके अलावा, वे भारत की वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) तथा वित्त व कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री रह चुकी हैं. वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता होने के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुकी हैं. निर्मला सीतारमण भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं. हालांकि इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए अतिरिक्त कार्यभार के रूप में यह मंत्रालय संभाला था.

राजनीतिक जीवन

निर्मला सीतारमण 2003 से 2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रह चुकी हैं. वे 03 सितंबर 2017 तक भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता के साथ-साथ भारत की वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) तथा वित्त व कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री रहीं हैं और 03 सितंबर 2017 को श्री नरेंद्र मोदी की सरकार में उन्हें रक्षा मंत्री बनाया गया. वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद भारत के रक्षा मंत्रालय की कमान सम्हालने वाली स्वतंत्र भारत की दूसरी महिला नेत्री और स्वतंत्र रूप से पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं.

निर्मला सीतारमण का परिचय

निर्मला सीतारमण का जन्म 18 अगस्त 1959 को हुआ. उनका जन्म तमिलनाडु के मदुरै में एक तमिल अयंगर परिवार में सावित्री और नारायणन सीतारमण के घर हुआ था. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट एंग्लो इंडियन हायर सेकेंडरी स्कूल विल्लुपुरम से प्राथमिक स्तर तक और मद्रास-तिरुचिरापल्ली से भी की थी. उन्होंने 1980 में सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से अर्थशास्त्र में कला स्नातक की डिग्री, 1984 में दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में कला स्नातकोत्तर की डिग्री और एमफिल. डिग्री प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने भारत-यूरोप व्यापार पर ध्यान देने के साथ अर्थशास्त्र में पीएचडी कार्यक्रम में दाखिला लिया, लेकिन बाद में इस कार्यक्रम को छोड़ दिया और लंदन चली गईं.

निर्मला सीतारमण राजनीतिक करियर

निर्मला सीतारमण 2008 में भाजपा में शामिल हुईं और वे 2014 तक पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं. 2014 में उन्हें नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शामिल किया गया और उसी वर्ष जून में उन्हें आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में चुना गया. मई 2016 में वे 11 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए भाजपा द्वारा नामित 12 उम्मीदवारों में से एक थीं. उन्होंने कर्नाटक से अपनी सीट पर सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा. उन्होंने भारत के रक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया है और 2019 में भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए बालाकोट एयर स्ट्राइक का नेतृत्व किया.

निर्मला सीतारमण का गैर-राजनीतिक कैरियर

निर्मला सीतारमण ने लंदन के रीजेंट स्ट्रीट में होम डेकोर स्टोर हैबिटेट में सेल्सपर्सन के रूप में काम किया. उन्होंने ब्रिटेन में कृषि इंजीनियर्स एसोसिएशन में अर्थशास्त्री के सहायक के रूप में काम किया है. ब्रिटेन में रहने के दौरान उन्होंने पीडब्ल्यूसी के लिए वरिष्ठ प्रबंधक और कुछ समय के लिए बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में भी काम किया है. उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य के रूप में भी काम किया है. 2017 में वह हैदराबाद में प्रणव के संस्थापक निदेशकों में से एक थीं.

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पुरस्कार और सम्मान

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने उन्हें 2019 में विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया. फोर्ब्स पत्रिका ने उन्हें 2019 में दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में 34वां स्थान दिया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कॉरपोरेट एक्सीलेंस 2021 के लिए द इकोनॉमिक टाइम्स अवार्ड्स में बिजनेस रिफॉर्मर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीता. इसके बाद 2023 में सीतारमण ने लगातार पांचवीं बार फोर्ब्स पत्रिका की दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में जगह बनाईं और 32वें स्थान पर रहीं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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