NCERT इंडिया और भारत में कोई अंतर नहीं करती, संसद में शिक्षा मंत्रालय ने दिया जवाब

Published by : Pritish Sahay Updated At : 06 Dec 2023 9:39 PM

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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आज यानी बुधवार को संसद में साफ कर दिया की एनसीईआरटी इंडिया और भारत के बीच अंतर नहीं करती है. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद इंडिया और भारत के बीच अंतर नहीं करती है और संविधान में निहित भावना को स्वीकार करती है जिसमें दोनों को मान्यता दी गई है.

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लंबे समय से एनसीईआरटी की ओर से इंडिया और भारत को लेकर चल रही चर्चा पर लगता है विराम लग गया है. शिक्षा मंत्रालय ने इस मुद्दे पर विराम लगा दिया है. दरअसल शिक्षा मंत्रालय ने राज्यसभा में दिए जवाब में कहा कि एनसीईआरटी इंडिया और भारत के बीच अंतर नहीं करती. सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) इंडिया और भारत के बीच अंतर नहीं करती है और संविधान में निहित भावना को स्वीकार करती है जिसमें दोनों को मान्यता दी गई है.

राज्यसभा में शिक्षा राज्य मंत्री ने दिया जवाब

शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने वाम सदस्यों संतोष कुमार पी और इलामाराम करीम के एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी है. उन्होंने सवाल किया था कि क्या सरकार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के पैनल से पाठ्यपुस्तकों में जहां इंडिया शब्द का प्रयोग किया जा रहा है वहां भारत शब्द का प्रयोग करने की कोई सिफारिश प्राप्त हुई है? इसके जवाब में शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद एक में उल्लिखित है कि इंडिया, जोकि भारत है, राज्यों का एक संघ होगा.

दोनों नामों को मान्यता देता है संविधान- शिक्षा राज्य मंत्री

शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने  कहा कि भारत का संविधान इंडिया और भारत दोनों को देश के आधिकारिक नामों के रूप में मान्यता देता है. उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी में जिनका परस्पर उपयोग किया जा सकता है. एनसीईआरटी हमारे संविधान में निहित इस भावना को मान्यता देती है और दोनों के बीच अंतर नहीं करती है. अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि जैसे-जैसे हम सामूहिक रूप से औपनिवेशिक मानसिकता से अलग हो रहे हैं और भारतीय भाषाओं में शब्दों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रहे हैं, स्कूली पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों की तैयारी में शामिल एनसीईआरटी भी उसी को आगे बढ़ाने में अपना सर्वोत्तम प्रयास करेगी.

‘इंडिया और भारत’ के बीच का विवाद

गौरतलब है कि हाल के दिनों में यह बात चर्चा में आई थी कि एनसीईआरटी आने वाले समय में अपनी पाठ्यपुस्तकों को इंडिया से बदलकर भारत कर देगा. इस बात को लेकर देश में चर्चा भी होने लगी थी, हालांकि NCERT की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी. लेकिन शिक्षा मंत्रालय की ओर से राज्यसभा में दिए गए जवाब से यह साफ हो गया कि एनसीईआरटी भविष्य में पाठ्यपुस्तकों में ऐसा कोई बदलाव नहीं करने वाला है.

भाषा इनपुट से साथ

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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