NCERT की किताब से महात्मा गांधी, गोडसे और RSS के अंश गायब? विपक्ष ने इतिहास के साथ छेड़छाड़ का लगाया आरोप

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 05 Apr 2023 6:43 PM

विज्ञापन

NCERT की नये शैक्षणिक सत्र के लिए 12वीं कक्षा की राजनीतिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में ‘महात्मा गांधी की मौत का देश में साम्पद्रायिक स्थिति पर प्रभाव, गांधी की हिन्दू मुस्लिम एकता की अवधारणा ने हिन्दू कट्टरपंथियों को उकसाया, और आरएसएस जैसे संगठनों पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध सहित कई पाठ्य अंश नहीं हैं.

विज्ञापन

राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने नये शैक्षणिक सत्र के लिए 12वीं कक्षा के लिए इतिहास, नागरिक शास्त्र और हिंदी के पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव किये हैं. जिसके बाद राजनीति शुरू हो गयी है. विपक्ष ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. दरअसल इतिहास के पाठ्यक्रम में महात्मा गांधी, गोडसे और आरएसएस से जुड़े कुछ अंश हटाये गये हैं. जिसको लेकर विरोध शुरू हो गया है.

12वीं की पाठ्यपुस्तक से गांधी की हिन्दू मुस्लिम एकता अवधारणा, आरएसएस पर प्रतिबंध के अंश हटे

राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नये शैक्षणिक सत्र के लिए 12वीं कक्षा की राजनीतिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में ‘महात्मा गांधी की मौत का देश में साम्पद्रायिक स्थिति पर प्रभाव, गांधी की हिन्दू मुस्लिम एकता की अवधारणा ने हिन्दू कट्टरपंथियों को उकसाया, और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जैसे संगठनों पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध सहित कई पाठ्य अंश नहीं हैं.

NCERT ने काटछांट से किया इनकार

जब इतिहास के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा तो, एनसीईआरटी ने आरोप को खारिज कर दिया और कहा, इस वर्ष पाठ्यक्रम में कोई काटछांट नहीं की गई है और पाठ्यक्रम को पिछले वर्ष जून में युक्तिसंगत बनाया गया था. एनसीईआरटी ने साफ किया कि पिछले वर्ष पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत बनाने और कुछ अंशों के अप्रसांगिक होने के आधार पर गुजरात दंगों, मुगल दरबार, आपातकाल, शीत युद्ध, नक्सल आंदोलन आदि के कुछ अंशों को पाठ्यपुस्तक से हटा दिया था. पाठ्यपुस्तक को युक्तिसंगत बनाने के नोट में महात्मा गांधी के अंश के बारे में कोई उल्लेख नहीं है.

Also Read: NCERT Mughals Row: ‘आधुनिक भारतीय इतिहास 2014 से शुरू होना चाहिए’, जानें कपिल सिब्बल ने ऐसा क्यों कहा

NCERT 12वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से गुजरात दंगों के अंश हटे

एनसीईआरटी की 12वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक ‘स्वतंत्र भारत में राजनीति भाग-2 में वर्ष 2002 के गुजरात दंगों के अंश नहीं हैं हालांकि 1984 के सिख दंगों का उल्लेख है. इस पुस्तक में क्षेत्रीय आकांक्षाएं खंड में पंजाब के संदर्भ में 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के विरूद्ध भड़की हिंसा का उल्लेख किया गया है.

NCERT के निदेशक बोले- पाठ्यक्रम में कुछ अंश हटाये गये

एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश सकलानी ने कहा, पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत बनाने के लिए कुछ अंश हटाये गये, जो पिछले वर्ष की गई थी. इस वर्ष जो कुछ हुआ है, वह नया नहीं है. कई पाठों में से कुछ अंशों को कम किया गया. उन्होंने कहा, पाठ्यपुस्तक में किये गए बदलावों के बारे में एक दो दिनों में अधिसूचना जारी कर दी जायेगी.

NCERT ने कोविड-19 का दिया हवाला

एनसीईआरटी ने साथ किया कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर यह महसूस किया गया कि छात्रों पर पाठ्यसामग्री के बोझ को कम किया जाए. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पाठ्य सामग्री के बोझ को कम करने और रचनात्मक सोच का उपयोग करके अनुभव के आधार पर सीखने पर जोर दिया गया है. इस परिप्रेक्ष्य में सभी कक्षाओं में और सभी विषयों में पाठ्यपुस्तकों को युक्ति संगत बनाने का कार्य शुरू किया गया है.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola