Manish Sisodia Bail : 17 महीने कौन लौटाएगा? मनीष सिसोदिया को जमानत मिलने की खबर सुनकर रो पड़ीं आतिशी

Edited by Amitabh Kumar
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Manish Sisodia Bail : सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'आप' नेता मनीष सिसोदिया को जमानत मिल गई है जिसके बाद लगातार प्रतिक्रिया आ रही है. जानें किसने क्या कहा

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Manish Sisodia Bail : दिल्ली शराब नीति में अनियमितताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया को जमानत मिल गई है. मामले पर सिसोदिया के वकील ऋषिकेश कुमार ने कहा कि कोर्ट ने कहा- यदि आपके पास सबूत हैं तो छेड़छाड़ का कोई मामला नहीं बनता. आपने उन्हें इतने लंबे समय तक जेल में रखा है जो जमानत के सिद्धांतों के खिलाफ है. चाहे ईडी का मामला हो या धारा 45 का… जमानत का मुख्य नियम लागू होता है.

‘आप’ नेता को जमानत मिलने के बाद प्रतिक्रिया आने लगी है. पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा कि हमारे नेताओं पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं. सिसोदिया के 17 महीने बर्बाद कर दिया गया. ये सत्य की जीत है. उनके ये 17 महीने कौन लौटाएगा. उन्होंने कहा कि जल्द ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को भी जमानत मिल जाएगी. हमें उम्मीद है कि अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन को भी न्याय मिलेगा और वे जल्द ही जेल से बाहर आएंगे.

किसने क्या कहा?

  1. सुप्रीम कोर्ट की ओर से मनीष सिसोदिया को जमानत दिए जाने पर ‘आप’ नेता राघव चड्ढा ने कहा- आज पूरा देश खुश है.
  2. ‘आप’ सांसद संजय सिंह ने कहा- यह सच की जीत है, अदालत का फैसला तानाशाही पर तमाचा है. सिसोदिया को राजनीतिक प्रतिशोध के तहत जेल में डाला गया1 इससे हमारी पार्टी को और मजबूती मिली.


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  3. दिल्ली के मंत्री और आप नेता सौरभ भारद्वाज ने मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने पर कहा कि कोर्ट ने इस बात पर प्रकाश डाला कि हजारों दस्तावेज हैं जिन्हें सबूत के तौर पर अदालत के सामने रखा जा रहा है और सैकड़ों गवाह हैं. त्वरित सुनवाई के अनुमान के अनुसार भी…जांच एजेंसी ईडी को इस मुकदमे को पूरा करने में कई साल लगेंगे. कोर्ट ने कहा है कि मुकदमे के दौरान आरोपी को जेल में नहीं रखा जा सकता है. जमानत अधिकार का मामला है. सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट और ट्रायल कोर्ट से बहुत नाखुश है कि वे मूल रूप से जमानत देने में हिचकिचा रहे हैं.
  4. दिल्ली की मंत्री और आप नेता आतिशी सुप्रीम कोर्ट द्वारा आप नेता मनीष सिसोदिया को जमानत दिए जाने के बाद भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि आज सत्य की जीत हुई है. उन्हें इसलिए जेल में डाला गया क्योंकि उन्होंने गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा दी.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

  1. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मनीष सिसोदिया को 10 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतों पर रिहा किया जाए.
  2. सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मनीष सिसोदिया 17 माह से हिरासत में हैं और अभी तक सुनवाई शुरू नहीं हुई. इस प्रकार वह शीघ्र सुनवाई के अधिकार से वंचित हुए हैं.
  3. सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मनीष सिसोदिया को जमानत के लिए निचली अदालत भेजना न्याय का अपमान होगा.
  4. मनीष सिसोदिया को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वक्त आ गया है कि निचली अदालतें और हाई कोर्ट इस सिद्धांत को समझें कि जमानत नियम है और जेल अपवाद है.

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आप नेता मनीष सिसोदिया को जमानत दिए जाने पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि हमारे सिस्टम में नियम है- जेल नहीं जमानत…वह लगभग 2 साल बाद बाहर आ रहे हैं, यह पहले हो जाना चाहिए था.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आप नेता मनीष सिसोदिया को जमानत दिए जाने पर शिवसेना नेता अनिल देसाई ने कहा कि उन्होंने बहुत अत्याचार झेले हैं. यह मनीष सिसोदिया के लिए बड़ी राहत है.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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