Manipur Violence: 'मणिपुर एक साल से शांति की प्रतीक्षा कर रहा', RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सरकार को चेताया
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 10 Jun 2024 9:50 PM
Mohan Bhagwat
Manipur Violence: पिछले एक साल से हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने हिंसाग्रस्त राज्य को शांति की राह में लाने के लिए प्रयास करने की मांग की.
Manipur Violence: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, मणिपुर एक साल से शांति का इंतजार कर रहा है. यह 10 साल से शांत था. ऐसा लगता था कि पुरानी बंदूक संस्कृति खत्म हो गई है. अचानक जो कलह वहां उपज गया या उपजाया गया, उसकी आग में अभी तक जल रहा है. त्राही-त्राही कर रहा है और उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. . मणिपुर की स्थिति पर प्राथमिकता के साथ विचार करना होगा. चुनावी बयानबाजी से ऊपर उठकर राष्ट्र के सामने मौजूद समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है.
मणिपुर में क्यों भड़की हिंसा
पिछले साल मई में मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी थी. तब से अब तक करीब 200 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि बड़े पैमाने पर आगजनी के बाद हजारों लोग विस्थापित हुए हैं. इस आगजनी में मकान और सरकारी इमारतें जलकर खाक हो गई हैं. पिछले कुछ दिनों में जिरीबाम से ताजा हिंसा की सूचना आयी हैं.
#WATCH | Nagpur, Maharashtra: RSS chief Mohan Bhagwat says, "Manipur has been awaiting peace for a year now. It was peaceful for 10 years. It seemed that the old gun culture had ended. It is still burning in the fire of the sudden tension that rose there or that was made to rise… pic.twitter.com/RrviLfF5XL
— ANI (@ANI) June 10, 2024
लोकसभा चुनाव पर भी मोहन भागवत ने दिया बड़ा बयान
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, चुनाव लोकतंत्र की एक अनिवार्य प्रक्रिया है. इसमें दो पक्ष होने के कारण प्रतिस्पर्धा होती है. चूंकि यह एक प्रतिस्पर्धा है, इसलिए खुद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाता है. लेकिन इसमें एक गरिमा होती है. झूठ का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. संसद में जाने और देश चलाने के लिए लोगों को चुना जा रहा है. वे सहमति बनाकर ऐसा करेंगे. हमारे यहां सहमति से चलने की परंपरा रही है. यह प्रतिस्पर्धा कोई युद्ध नहीं है. एक-दूसरे की जिस तरह की आलोचना की गई, इससे समाज में मतभेद पैदा होगा और विभाजन होगा.
लोकसभा चुनाव आरएसएस जैसे संगठनों को बेवजह घसीटा गया
मोहन भागवत ने कहा, लोकसभा चुनाव में आरएसएस जैसे संगठनों को भी इसमें बेवजह घसीटा गया. तकनीक की मदद से झूठ को पेश किया गया. झूठ को प्रचारित करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया. ऐसा देश कैसे चलेगा? इसे विपक्ष कहते हैं. इसे विरोधी नहीं माना जाना चाहिए. वे विपक्ष हैं, एक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. उनकी राय भी सामने आनी चाहिए. चुनाव लड़ने की एक गरिमा होती है. उस गरिमा का ख्याल नहीं रखा गया. वही सरकार फिर से सत्ता में आ गई है – एनडीए. यह सही है कि पिछले 10 सालों में बहुत सारी सकारात्मक चीजें हुई हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अब हम चुनौतियों से मुक्त हो गए हैं.
#WATCH | Nagpur, Maharashtra: RSS chief Mohan Bhagwat says, "…Elections are an essential process of democracy. Since there are two sides in it there is a contest. Since it is a contest efforts are made to take oneself forward. But there is a dignity to it. Lies should not be… pic.twitter.com/cIjAtvkdTB
— ANI (@ANI) June 10, 2024
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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