MP में नहीं हो सकती आदिवासियों के सम्मान की रक्षा, झाबुआ में लड़कियों के यौन उत्पीड़न के बाद बोली कांग्रेस

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झाबुआ के जिलाधिकारी की ओर से प्रस्तुत एक रिपोर्ट के आधार पर इंदौर संभागीय आयुक्त पवन कुमार शर्मा ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत आधिकारिक कर्तव्यों के पालन में घोर लापरवाही का हवाला देते हुए उपजिलाधिकारी रैंक के अधिकारी सुनील कुमार झा को निलंबित कर दिया है.

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मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले की एक खबर सुर्खियों में है. जानकारी के अनुसार यहां एक सरकारी छात्रावास में नाबालिग आदिवासी लड़कियों के यौन उत्पीड़न के आरोप में एक अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) को गिरफ्तार किया गया है. मामले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आयी है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ ने कहा है कि कल भी एक आदिवासी महिला के साथ घटना हुई है. यहां चीता, महिला और आदिवासियों के सम्मान की रक्षा नहीं हो सकती. इस प्रदेश में केवल ठेकेदारों और भ्रष्टाचारियों की रक्षा होती है.

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क्या है मामला

झाबुआ जिले में एक सरकारी छात्रावास में नाबालिग आदिवासी लड़कियों के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. दर्ज शिकायत के अनुसार, यह घटना रविवार की बतायी जा रही है. घटना उस वक्त हुई जब एसडीएम सुनील कुमार झा आदिवासी लड़कियों के छात्रावास का निरीक्षण करने गये थे. मामले को लेकर अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के बाद एसडीएम को निलंबित भी करने का काम किया गया है. पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने छात्रावास अधीक्षक की शिकायत के हवाले से जानकारी दी कि आरोपी ने निरीक्षण के दौरान कथित तौर पर नाबालिग छात्रों के साथ अश्लील हरकतें कीं.

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प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी ने छात्रावास में रहने वाली 11 से 13 साल की लड़कियों को कथित तौर पर गलत तरीके से स्पर्श किया. यही नहीं आरोप है कि आरोपी ने उन्हें चूमा तथा उनके मासिक धर्म के बारे में सवाल पूछे.


किन मामलों में केस दर्ज

पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने मामले को लेकर बताया कि शिकायत के आधार पर एसडीएम सुनील कुमार झा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत केस दर्ज करने का काम किया गया है.

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