बीजेपी नेता का लेंसकार्ट स्टोर में हंगामा, कर्मचारियों को लगाया तिलक

Published by :Amitabh Kumar
Published at :21 Apr 2026 11:38 AM (IST)
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Lenskart Controversy

लेंसकार्ट विवाद (Photo: X)

Lenskart Rules : लेंसकार्ट ने विवाद के बाद माफी मांगी. अब नए नियमों में काम करने वाली जगह पर धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दी गई. इसके बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा (BJP Minority Morcha) के नेतृत्व में हिंदू कार्यकर्ताओं ने मुंबई स्थित शोरूम में घुसकर कर्मचारियों से बहस की.

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Lenskart Rules : लेंसकार्ट को लेकर विवाद के बीच एक बीजेपी नेता के नेतृत्व में हिंदू संगठनों के लोग मुंबई के शोरूम में पहुंच गए. वहां उन्होंने कर्मचारियों को तिलक लगाया, कलाई पर कलावा बांधा और नारेबाजी की. आरोप है कि कंपनी बिंदी-तिलक पर रोक लगा रही थी, जबकि हिजाब की अनुमति दी जा रही थी. नाजिया इलाही अपने साथियों के साथ Lenskart स्टोर पहुंचीं और अंदर “जय श्री राम” के नारे लगाए. उन्होंने फ्लोर मैनेजर से हिंदू प्रतीकों पर कथित रोक को लेकर सवाल-जवाब किए और कर्मचारियों से सीधे बात कर विरोध जताया.

Lenskart ने नियम में किया बदलाव

इससे पहले Lenskart ने सोशल मीडिया पर हुए विरोध के बाद माफी मांगी. यह विवाद एक कथित ग्रूमिंग दस्तावेज (एक प्रकार का गाइडलाइन लिखा कागज) को लेकर था. अब कंपनी ने नया ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ जारी किया है, जिसमें कर्मचारियों को काम के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की अनुमति दे दी गई है. कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  ‘एक्स’ पर कहा कि ग्राहकों और लोगों की चिंताओं को देखते हुए अब वह अपने नियमों को खुलकर और साफ तरीके से सबके सामने रख रही है, ताकि किसी तरह की गलतफहमी न रहे.

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Lenskart की नई नीति में अब बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी धार्मिक प्रतीकों को मान्यता दी गई है. कंपनी ने कहा कि अगर किसी को उनके किसी बयान से ठेस पहुंची हो या ऐसा लगा हो कि उनकी आस्था का सम्मान नहीं है, तो उसे इसका अफसोस है.

Lenskart विवाद क्या है, जानें

Lenskart का यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक कथित कर्मचारी ग्रूमिंग पॉलिसी का दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसमें बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों पर रोक होने का दावा किया गया था. इसके बाद लोगों ने नाराजगी जताई और बहिष्कार की मांग उठी. बाद में कंपनी के संस्थापक पीयूष बंसल ने कहा कि यह पुराना दस्तावेज है और मौजूदा नीति अलग है.

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डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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