Kumar Vishwas : गर्मी में भी ठंडे का एहसास, कुमार विश्वास के नये घर की खास बातें कर देगीं हैरान

प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास
Kumar Vishwas : प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास इन दिनों अपने नये घर को लेकर चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. उनका यह नया घर खास चीजों से बना है जिसमें गर्मी में भी ठंड का एहसास होगा.
Kumar Vishwas : प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास अपने नये घर को लेकर ट्रेंड कर रहे हैं. जी हां…उन्होंने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के पिलखुवा में अपने पैतृक गांव में ‘केवी कुटीर’ नामक एक खास घर बनाया है. यह घर अपनी विशेष निर्माण शैली और एनवायरमेंट फ्रेंडली होने की वजह से चर्चा में है. घर बिना सीमेंट के, पारंपरिक भारतीय वास्तुकला के अनुसार वैदिक प्लास्टर से निर्मित है. इससे यह भीषण गर्मी में भी ठंडा रहता है और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से युक्त है.
किन चीजों से बना है कुमार विश्वास का घर?
कुमार विश्वास ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने ई.बी. हॉवेल की एक पुस्तक में इस प्रकार के घरों के बारे में पढ़ा था. इससे प्रेरित होकर उन्होंने यह घर बनाने का फैसला किया. उन्होंने राजमिस्त्री को इस पारंपरिक तकनीक के बारे में समझाया और उसी के अनुसार बनाने को कहा. घर के निर्माण में पीली मिट्टी, रेत, गोबर, विभिन्न दालों की चूनी, चूना और आंवला, लिसोढ़ा, गूलर, शीशम आदि लसलसे पेड़ों के अवशेषों का यूज किया गया है.
‘केवी कुटीर’ में एक विशाल पुस्तकालय और रिकॉर्डिंग स्टूडियो
घर की दीवारें न केवल मजबूत बनीं, बल्कि उनमें एंटी-बैक्टीरियल और टेम्परेचर कंट्रोल करने वाले गुण भी समाहित हैं. दीवारों पर सुंदर कलाकृतियां उकेरी गई हैं, जो इसकी सुंदरता में चार चांद लगा रहा है. इसकी एक झलक पाने को सोशल मीडिया यूजर बेचैन नजर आ रहे हैं. ‘केवी कुटीर’ में एक विशाल पुस्तकालय और रिकॉर्डिंग स्टूडियो भी है. यहां कुमार विश्वास अपने वीडियो रिकॉर्ड करते हैं और मेहमानों से मिलते हैं. घर के सामने एक तालाब है, जिसमें बतखें पाली गई हैं. इसके आसपास के क्षेत्र में विभिन्न औषधीय पौधे, फल और सब्जियां उगाई जाती हैं.
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कुमार विश्वास का यह अनोखा घर पारंपरिक भारतीय वास्तुकला और आधुनिक जीवनशैली का सुंदर संगम है. यह पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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