लॉकडाउन में है नौकरी जाने का डर, तो क्या आपने करवाया है जॉब इंश्योरेंस

Updated at : 11 Jun 2020 10:49 PM (IST)
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लॉकडाउन में है नौकरी जाने का डर, तो क्या आपने करवाया है जॉब इंश्योरेंस

देश में कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) के कारण हुए लॉकडाउन के कारण कारोबारों पर बड़ा असर हुआ है. खासकर निजी सेक्टर में लोगों की सैलरी में बड़े स्तर पर कटौती हुई है और कुछ लोगों की नौकरी चली गई है. ओयो, ओला, ऊबर, स्विगी जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी की है. लोगों में नौकरी को लेकर डर बन गया है कि कहीं उन्हें छंटनी का शिकार ना बनना पड़े.

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देश में कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) के कारण हुए लॉकडाउन के कारण कारोबारों पर बड़ा असर हुआ है. खासकर निजी सेक्टर में लोगों की सैलरी में बड़े स्तर पर कटौती हुई है और कुछ लोगों की नौकरी चली गई है. ओयो, ओला, ऊबर, स्विगी जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी की है. लोगों में नौकरी को लेकर डर बन गया है कि कहीं उन्हें छंटनी का शिकार ना बनना पड़े.

क्या है जॉब इंश्योरेंस (Job Insurance) ?

जॉब इंश्योरेंस पॉलिसी ग्राहक और उसके परिवार को कुछ समय के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करत है, वैसी स्थिति में जब आपने नौकरी खो दी है, तो आपको कुछ राशि मिलती है, अगर पॉलिसी में दिए गए कारणों की वजह से उसकी नौकरी चली जाती है. भारत में ये कारण कोई गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण पूरी या स्थाई तौर पर दिव्यांग होना हो सकता है.

साथ ही भारत में जॉब इंश्योरेंस स्टैंडलोन पॉलिसी (Standalone policy) के तौर पर नहीं मिलती. यह मुख्य पॉलिसी के साथ राइडर या ऐड ऑन कवर (Rider or Add on Cover) की तरह उपलब्ध होती है. सामान्य तौर पर हेल्थ इंश्योरेंस या होम इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ आती है.

जॉब इंश्योरेंस के लिए क्या है जरूरी ?

जॉब इंश्योरेंस लेने के लिए आवेदक के पास सैलरी के तौर पर आय होनी चाहिए. वहीं, भारत में जॉब इंश्योरेंस स्टैंडलोन पॉलिसी के तौर पर नहीं मिलती. यह सामान्य तौर पर हेल्थ इंश्योरेंस या होम इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ आती है.

जॉब इंश्योरेंस में क्या होगा कवर ?

पॉलिसी के तहत नौकरी जाने या अस्थाई तौर से निलंबन पर वित्तीय कवरेज मिलता है. इसके अलावा बीमाकर्ता के द्वारा चलाए जा रहे ईएमआई का भुगतान भी बीमा कंपनी द्वारा किया जाता है.

जॉब इंश्योरेंस के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स ?

बहरहाल, जॉब इंश्योरेंस के क्‍लेम के लिए नौकरी न होने का प्रमाण भी देना होता है. इसके अलावा आईडी प्रूफ समेत तमाम अन्‍य डॉक्‍युमेंट देने होते हैं. इसके वेरिफिकेशन के बाद ही क्‍लेम का भुगतान होता है.

कंपनियां जो नौकरी के नुकसान की बीमा सुरक्षा दे रही हैं:

1. ICICI लोम्बार्ड का सुरक्षित दिमाग महत्वपूर्ण बीमारी योजना

2. एचडीएफसी एर्गो का होम सुरक्षा प्लस (गृह ऋण सुरक्षा योजना)

3. रॉयल सुंदरम सेफ लोन शील्ड (गंभीर बीमारी योजना)

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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