ePaper

International Relation: भारत और पुर्तगाल के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंध मजबूत करने पर हुई चर्चा

Updated at : 05 Mar 2026 7:49 PM (IST)
विज्ञापन
International Relation: भारत और पुर्तगाल के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंध मजबूत करने पर हुई चर्चा

पुर्तगाल के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश से मुलाकात की. इस दौरान भारत और पुर्तगाल के बीच आपसी सम्मान, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, ऐतिहासिक और समुद्री तथा सांस्कृतिक और प्रवासी जुड़ाव सहित व्यापार बढ़ाने पर मंथन किया गया.

विज्ञापन

International Relation: पुर्तगाल और भारत के बीच संबंध को बेहतर करने के लिए पुर्तगाली संसदीय प्रतिनिधिममंडल भारत के दौरे पर है. पुर्तगाली संसद के उपाध्यक्ष मार्कोस पेरेस्ट्रेल्लो डी वास्कोनसेलोस के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश से मुलाकात की. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के महत्व का जिक्र करते हुए हरिवंश ने कहा कि भारत और पुर्तगाल के बीच गहरी मित्रता, आपसी सम्मान, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, ऐतिहासिक और समुद्री संबंधों तथा सांस्कृतिक और प्रवासी जुड़ाव पर आधारित हैं. वर्ष 2025 में भारत और पुर्तगाल के बीच राजनयिक संबंध के 50 साल पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया और यह दोनों देशों के लिए बेहद खास बन गया. 

हरिवंश ने यूरोपीय संघ के साथ भारत की सहभागिता को बढ़ावा देने में पुर्तगाल द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2000 में पहले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की मेजबानी और वर्ष 2021 में पोर्टो में आयोजित पहले भारत-यूरोपीय संघ+ 27 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का मौका मिला. वहीं 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष के तौर पर यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ की थी. इस मुलाकात से भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को मुकाम तक पहुंचाने में मदद मिली. 


दोनों देशों के बीच संबंध रहे हैं ऐतिहासिक


दोनों देशों के बीच राजनीतिक सहयोग बढ़ाने के लिए नियमित उच्च स्तरीय वार्ता और आदान-प्रदान होते रहे हैं. वर्ष 2024 में रियो डी जनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री मोंटेनेरो के बीच हुई पहली बैठक में दीर्घकालिक संबंधों पर चर्चा हुई और आर्थिक सम्बंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया. हरिवंश ने कहा कि दो जीवंत लोकतांत्रिक देशों के रूप में भारत और पुर्तगाल का संसदीय आदान-प्रदान का एक लंबा इतिहास रहा है. संसदीय आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, विशेष रूप से संसद के युवा सदस्यों के बीच. भारत और पुर्तगाल के बीच वस्त्र, कॉर्क, कृषि उत्पाद और मशीनरी के पारंपरिक व्यापार के अलावा, हरित और नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है.

दोनों देशों के बीच रियल एस्टेट, होटल और आतिथ्य, आईटी, दूरसंचार और दवा उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय निवेश हो रहा है. पुर्तगाल में भारतीय संस्कृति और दर्शन, योग और आयुर्वेद, संगीत, नृत्य, व्यंजन और फिल्मों के प्रति रुचि बढ़ रही है. पुर्तगाल में रहने वाला विशाल, जीवंत और बहुआयामी भारतीय प्रवासी समुदाय भारत और पुर्तगाल के बीच ऐतिहासिक और स्थायी सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है. सबसे प्रसिद्ध भारत के प्रवासी नागरिक और पूर्व प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा हैं. उपसभापति ने कहा कि भारत से सांस्कृतिक और पैतृक संबंधाें की बदौलत भारत-पुर्तगाली समुदाय दोनों देशों को जोड़ने वाले सेतु का काम करता है और द्विपक्षीय सम्बंधों को सुदृढ़ बनाता है. 

विज्ञापन
Anjani Kumar Singh

लेखक के बारे में

By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola