ममता बनर्जी को एक और झटका, सांसद सुष्मिता देव ने राज्य सभा से दिया इस्तीफा, TMC भी छोड़ी; BJP में हो सकती हैं शामिल

Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 10 Jun 2026 12:28 PM

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हिमंता बिस्वा सरमा के साथ सुष्मिता देव. फोटो- एक्स.

Sushmita Dev Resigns TMC: तृणमूल कांग्रेस में असंतोष गहराता दिख रहा है. राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने राज्य सभा और टीएमसी से इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय भी पद छोड़ चुके हैं.

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Sushmita Dev Resigns TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह बिखरती नजर आ रही है. हाल ही में 61 विधायकों के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में आने की खबरों के बाद अब संसद में भी पार्टी को झटका लगा है. राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके साथ ही वह इस सप्ताह ऐसा कदम उठाने वाली दूसरी टीएमसी सांसद बन गईं. इससे महज एक सप्ताह पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक रहे सुखेंदु शेखर रॉय ने भी अपना पद छोड़ दिया था. पार्टी के संगठन और संसद दोनों जगह ममता बनर्जी के नेतृत्व के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है.

बुधवार को तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया.  उन्होंने राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन को भेजे पत्र में लिखा, ‘मैं राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देती हूं, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए.’ यानी उन्होंने अपने सांसद पद और टीएमसी पार्टी दोनों छोड़ दी है.

सुष्मिता देव का इस्तीफा पत्र.

कांग्रेस से लोकसभा सांसद रह चुकी हैं सुष्मिता

सुष्मिता देव 2014 में लोकसभा सांसद बनी थीं. उन्होंने असम के सिलचर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था. असम कांग्रेस के दिग्गज नेता और प्रभावशाली बंगाली चेहरा रहे संतोष मोहन देव की बेटी सुष्मिता देव लंबे समय तक अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. सिलचर को उनके पिता संतोष मोहन देव का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है.

2021 में टीएमसी में हुई थीं शामिल

2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद 53 वर्षीय सुष्मिता देव ने 2021 में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था.  पार्टी में शामिल होने के समय उन्होंने सार्वजनिक जीवन में ‘एक नए अध्याय’ की शुरुआत की बात कही थी. टीएमसी में आने के बाद उनका कद तेजी से बढ़ा. उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया और बाद में राज्यसभा भेजा गया. सूत्रों के मुताबिक, अब उनके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है.

बीजेपी में हो सकती हैं शामिल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुष्मिता देव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से भी मुलाकात की है. इसी के बाद ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह बीजेपी में शामिल हो सकती हैं. रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि बीजेपी उन्हें असम से राज्यसभा में भेज सकती है. 

सुखेंदु शेखर ने भी दिया था इस्तीफा

इससे पहले सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने संसद और पार्टी, दोनों से इस्तीफा देने की घोषणा की थी. अपने बयान में उन्होंने न केवल पद छोड़ा, बल्कि पार्टी और बंगाल में उसके 15 वर्षों के शासन पर भी तीखा हमला बोला.

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बडे़ विद्रोह का सामना कर रही है टीएमसी

इन दोनों इस्तीफों से पहले पार्टी को विधानसभा के भीतर भी बड़े विद्रोह का सामना करना पड़ा था. हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के 58 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व की लाइन से अलग रुख अपनाते हुए विपक्ष के नेता पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन कर दिया था. उन्होंने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार शोवनदेब चट्टोपाध्याय को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था.

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब विधानसभा अध्यक्ष ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दे दी. इस घटनाक्रम ने चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर मौजूद गहरे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया. इतना ही नहीं, टीएमसी के करीब 20 लोकसभा सांसद भी ममता बनर्जी और टीएमसी को छोड़ सकते हैं. हाल ही में जब ममता बनर्जी दिल्ली में इंडिया गठबंधन की मीटिंग कर रही थीं, तभी यह गुट केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर मुलाकात कर रहा था. इस दौरान पश्चिम बंगाल के नए सीएम शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे. 

लगातार दो वरिष्ठ नेताओं के राज्यसभा से इस्तीफे और पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी ने टीएमसी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में हार के केवल एक महीने और 10 दिन के भीतर ही ममता बनर्जी की पार्टी पूरी तरह बिखरती नजर आ रही है. 

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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