सिंधु जल संधि: पाकिस्तान की धमकी का भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब, खोल दी पोल

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल, फोटो एक्स

Indus Waters Treaty: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने सिंधु जल संधि को लेकर युद्ध की धमकी दी थी. जिसका भारत ने करारा जवाब दिया है.

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Indus Waters Treaty: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ऐसे बयान पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की हताशा भरी कोशिशें हैं. हम इन मनगढ़ंत दावों को पूरी तरह और पूरी सख्ती के साथ खारिज करते हैं.

भारत सरकार ने पाकिस्तान की बर्बरता को किया उजागर

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पीओके में हो रहे अत्याचार और बर्बरता को उजागर किया. उन्होंने कहा- पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे वाले इलाकों में हो रहे विरोध-प्रदर्शन, पाकिस्तान की दशकों पुरानी आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और प्रशासनिक दमन की नीति का सीधा नतीजा हैं. इन इलाकों में पाकिस्तान ने पुलिस की बर्बरता, जरूरी सामान और दवाओं की सप्लाई रोकने, इंटरनेट बंद करने और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ जानलेवा बल का इस्तेमाल करके प्रतिक्रिया दी है.

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने सिंधु जल संधि को लेकर क्या दिया था बयान?

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गीदड़भभकी दी थी. जिसमें उन्होंने एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में कहा था- पानी पाकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी का हिस्सा है. अगर भारत धारा रोकने की कोशिश करेगा, तो हम भारत के खिलाफ युद्ध करने से नहीं हिचकेंगे.

पाकिस्तान के सिंधु जल संधि को लेकर यूएनएससी को लिखा पत्र

पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को पत्र लिखकर भारत की ओर से सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के कथित उल्लंघन का संज्ञान लेने का आग्रह किया है.

पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को कर दिया था खारिजे

विश्व बैंक की मध्यस्थता में 1960 में हुई यह संधि अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद निलंबित कर दी गई थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे. यह संधि 1960 से ही भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे एवं इस्तेमाल को नियंत्रित करती आ रही है.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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