India Nepal Dispute: 30 मिनट के लिए खोला गया धारचूला का झूला ब्रिज, अपने-अपने देश लौटे लोग

Updated at : 18 Jul 2020 9:22 PM (IST)
विज्ञापन
India Nepal Dispute: 30 मिनट के लिए खोला गया धारचूला का झूला ब्रिज, अपने-अपने देश लौटे लोग

पिठौरागढ़ : उत्तराखंड, पिठौरागढ़ के धारचूला में स्थित भारत और नेपाल को जोड़ने वाले झूला पुल को शनिवार को 30 मिनट के लिए खोला गया. इस दौरान भारत में फंसे नेपाल के लोग वापस गये और नेपाल से कुछ भारतीय वापस अपने देश लौटे. इसके अलावा नेपाल के कुछ लोग इलाज के सिलसिले में भारत आए. यह जानकारी बीएसएफ के एक अधिकारी ने दी. भारत-नेपाल विवाद के बीच इस पुल पर आवागमन बंद है.

विज्ञापन

पिठौरागढ़ : उत्तराखंड, पिठौरागढ़ के धारचूला में स्थित भारत और नेपाल को जोड़ने वाले झूला पुल को शनिवार को 30 मिनट के लिए खोला गया. इस दौरान भारत में फंसे नेपाल के लोग वापस गये और नेपाल से कुछ भारतीय वापस अपने देश लौटे. इसके अलावा नेपाल के कुछ लोग इलाज के सिलसिले में भारत आए. यह जानकारी बीएसएफ के एक अधिकारी ने दी. भारत-नेपाल विवाद के बीच इस पुल पर आवागमन बंद है.

अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि स्थानीय प्रशासन की अनुमति के बाद कई दिनों से बंद धारचूला का झूला पुल आज 30 मिनट के लिए खोला गया. पुल खुलने के बाद भारत में फंसे 14 नेपाली नागरिक वापस चले गये और 13 भारतीय वापस अपने देश लौट आए. साथ ही कुछ लोग इलाज कराने के लिए नेपाल से भारत आये. इसके बाद फिर पुल को बंद कर दिया गया.

आपको बता दें कि उत्तराखंड के पिठौरागढ़ में स्थित धारचूला का यह पुल भारत और नेपाल के लिए अहम माना जाता है. पुल के दोनों ओर रहने वाले लोगों के बीच गहरे संबंध हैं. दोनों ओर के लोगों के बीच शादियां भी होती हैं. इसी महीने इस पुल को एक शादी के लिए 15 मिनट के लिए खोला गया था. 15 मिनट में ही बारात नेपाल पहुंचकर शादी की रश्म पूरी कर दुल्हन लेकर भारत लौट आयी.

15 जुलाई को जिबी गांव का एक दूल्हा अपनी नवविवाहिता नेपाली पत्नी को यहां लाया और उसका गर्मजोशी से स्वागत हुआ. धारचूला के उपजिलाधिकारी एके शुक्ला ने बताया कि काली नदी पर बने सीमा पुल के माध्यम से भारत में प्रवेश करते ही धारचूला में भारतीय सुरक्षाकर्मियों ने दंपत्ति का स्वागत किया. अधिकारी ने कहा, ‘दोनों देशों के प्रशासन ने नवविवाहित जोड़े के भारत में प्रवेश के लिए पुल के फाटक खोल दिये. यहां दुल्हन के ससुराल वाले रहते हैं.’

Also Read: नेपाल में राम जन्मभूमि! : नेपाली नागरिकों ने पिलर उखाड़ा, राम जन्मभूमि बता शुरू की पूजा

पिथौरागढ़ के पास जिबी गांव के निवासी कमलेश चंद ने नेपाल के दारचूला जिले के धुलकोट गांव के तिग्राम की बेटी राधिका से शादी की है. कमलेश चंद ने कहा, ‘हमें बहुत कम समय के लिए नेपाल में प्रवेश करने की अनुमति मिली जिसके बाद हम वहां गये और शादी करने के तुरंत बाद लौट आये.’ उत्तराखंड में भारत-नेपाल सीमा के दोनों ओर स्थित गांवों के निवासियों के बीच एक दूसरे के साथ करीबी पारिवारिक संबंध हैं.

Posted By: Amlesh Nandan Sinha.

विज्ञापन
AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola