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Illegal Bangladesh Migrant : चाय पी रहा था शख्स, पुलिस ने उठाया, भेज दिया बांग्लादेश

Updated at : 16 Jun 2025 10:03 AM (IST)
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Illegal Bangladesh Migrant

Illegal Bangladesh Migrant

Illegal Bangladesh Migrant : पश्चिम बंगाल सरकार के अनुसार, महाराष्ट्र पुलिस और बीएसएफ ने पश्चिम बंगाल पुलिस, राज्य प्रवासी कल्याण बोर्ड के हस्तक्षेप और भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद महबूब शेख को बांग्लादेश भेज दिया. जानें क्या है पूरा मामला?

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Illegal Bangladesh Migrant : काम के लिए महाराष्ट्र गए पश्चिम बंगाल के 36 वर्षीय एक व्यक्ति को महाराष्ट्र पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासी होने के संदेह में उठा लिया. इतना ही नहीं शनिवार तड़के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने उसे पड़ोसी देश की सीमा में भेज दिया. इस संबंध में इंडियन एक्सप्रेस ने खबर प्रकाशित की है. पश्चिम बंगाल सरकार के अनुसार, महाराष्ट्र पुलिस और बीएसएफ ने पश्चिम बंगाल पुलिस, राज्य प्रवासी कल्याण बोर्ड के हस्तक्षेप के बाद भी यह कदम उठाया. भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद महबूब शेख को बांग्लादेश भेज दिया.

शेख महाराष्ट्र में करता था राजमिस्त्री का काम

पश्चिम बंगाल प्रवासी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष समीरुल इस्लाम ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “शेख के परिवार ने हमसे संपर्क किया. इसके बाद हमने महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क किया. सभी (आवश्यक) दस्तावेज उन्हें भेज दिए गए. उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार को सूचित करने की भी जहमत नहीं उठाई और शेख को बीएसएफ ने बांग्लादेश भेज दिया.” शेख के परिवार ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के भागाबंगोला के महिसास्थली ग्राम पंचायत क्षेत्र के हुसैननगर गांव के निवासी हैं. 36 वर्षीय शेख महाराष्ट्र में राजमिस्त्री का काम करता था.

चाय पी रहा था शेख, पुलिस ने उठाया

शेख के छोटे भाई मुजीबुर ने मुर्शिदाबाद से इंडियन एक्सप्रेस को फोन पर बताया, “पिछले दो सालों से वह महाराष्ट्र में काम कर रहा है. वह मुंबई के पास ठाणे के मीरा रोड इलाके में रहता था. पांच दिन पहले (बुधवार, 11 जून) जब वह चाय पी रहा था, तो पुलिस ने उसे बांग्लादेशी होने के संदेह में उठा लिया और कनकिया पुलिस स्टेशन ले गई.”

मुजीबुर ने कहा, “उन्होंने हमें कनकिया पुलिस स्टेशन से फोन किया. हमने तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासन, साथ ही हमारे पंचायत प्रधान और प्रवासी कल्याण बोर्ड को सूचित किया. उन्होंने कहा कि वे महाराष्ट्र पुलिस के संपर्क में हैं. शुक्रवार तक, हमने महाराष्ट्र पुलिस को सभी दस्तावेज भेज दिए, जिसमें महबूब शेख का वोटर कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड और यहां तक ​​कि हमारे परिवार का वंशावली भी शामिल था, जिसे पंचायत द्वारा प्रमाणित किया गया था.”

बीएसएफ ने शख्स को बांग्लादेश भेज दिया

महिसस्थली ग्राम पंचायत के प्रधान शब्बीर अहमद ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि महबूब शेख को सिलीगुड़ी स्थित बीएसएफ कैंप में भेज दिया गया है तो वे वहां पहुंचे. प्रधान ने कहा, “शुक्रवार (13 जून) को हमें स्थानीय पुलिस स्टेशन से सूचना मिली कि महबूब को सिलीगुड़ी के बीएसएफ कैंप में भेज दिया गया है. मेरा भाई मुजीबुर कैंप पहुंचा. उन्होंने हमारी बात भी नहीं सुनी.” परिवार के अनुसार, महबूब शेख ने शनिवार (14 जून) को उन्हें फोन करके बताया कि बीएसएफ ने उसे सुबह 3.30 बजे बांग्लादेश भेज दिया.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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