Ghulam Nabi Azad News : 'पहले केसरिया पगड़ी, अब पीएम मोदी की तारीफ', आखिर क्या चल रहा है कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के मन में

Jammu: Congress leader Ghulam Nabi Azad during a 'Shanti Sammelan' event in Jammu, Saturday, Feb. 27, 2021. (PTI Photo)(PTI02_27_2021_000127B)
Ghulam Nabi Azad Updates : केसरिया पगड़ी बांधने के एक दिन बाद कांग्रेस (congress) के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद (ghulam nabi azad ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm modi) की तारीफ की जिसके कई मायने लगाये जा रहे हैं.
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गुलाम नबी आजाद ने की पीएम मोदी की तारीफ
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किसी व्यक्ति को दुनिया से अपनी असलियत नहीं छिपानी चाहिए :गुलाम नबी आजाद
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गुलाम नबी आजाद ने कहा- मेरे राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन वह अपने अतीत को नहीं छिपाते
केसरिया पगड़ी बांधने के एक दिन बाद कांग्रेस (congress) के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद (ghulam nabi azad ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm modi) की तारीफ की जिसके कई मायने निकाले जा रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने रविवार को एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह एक चाय बेचने वाले के रूप में अपने अतीत के बारे में खुलकर बोलते हैं तथा दुनिया से अपने अतीत को छिपाने का प्रयास नहीं करते हैं.
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद ने यहां गुर्जर देश चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को दुनिया से अपनी असलियत नहीं छिपानी चाहिए. आजाद ने कहा कि मैं कई नेताओं की प्रशंसा करता हूं… मैं खुद गांव का हूं और मुझे इसका फक्र है. मैं अपने प्रधानमंत्री जैसे नेताओं की काफी प्रशंसा करता हूं जो कहते हैं कि वह गांव से हैं. वह चाय बेचते थे… आगे आजाद ने कहा कि मेरे राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन वह अपने अतीत को नहीं छिपाते हैं.
यदि आपको याद हो तो प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में राज्यसभा में आजाद को विदाई देते समय उनकी जमकर तारीफ की थी और एक घटना का जिक्र करते हुए भावुक भी हो गए थे. आजाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे. आजाद की इस टिप्पणी से एक दिन पहले कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक फेरबदल की मांग करने वाले ‘जी-23′ के कई नेता एक मंच पर एकत्र हुए थे. उनका कहना था कि पार्टी कमजोर हो रही है और वे इसे मजबूत करने के लिए एक साथ आये हैं.
कांग्रेस के इन असंतुष्ट नेताओं को ‘जी-23′ भी कहा जाता है. मीडियाकर्मियों के साथ संक्षिप्त बातचीत में आजाद इस बात से सहमत नहीं थे कि शनिवार को यहां एक कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति पार्टी आलाकमान को संदेश देने के लिए शक्ति प्रदर्शन थी. उन्होंने कहा कि मैं डेढ़ साल के अंतराल के बाद लौटा हूं. कोरोना महामारी से पहले (पिछले साल मार्च में), बजट और शीतकालीन सत्र था. लंबे समय से मांग थी कि एक समारोह आयोजित किया जाए.
Posted By : Amitabh Kumar
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