G20 Summit: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा पर मानचित्र विवाद का साया, भारत ने ड्रैगन को लताड़ा

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G20 Summit: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा पर मानचित्र विवाद का साया, भारत ने ड्रैगन को लताड़ा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन पर दावा जताने वाले चीन के तथाकथित ‘मानक मानचित्र’ को खारिज करते हुए कहा कि सिर्फ बेतुके दावे करने से अन्य लोगों के क्षेत्र आपके नहीं हो जाते.

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दिल्ली में जी20 समिट से पहले चीन ने नये विवाद को जन्म दे दिया है. बीजिंग ने सोमवार को ‘चीन के मानक मानचित्र’ का 2023 संस्करण जारी किया, जिसमें दावा किया गया कि अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन उसकी सीमा में हैं. हालांकि ड्रैगन को उसकी नापाक हरकत का भारत ने फौरन मुंहतोड़ जवाब दे दिया है.

चीनी राष्ट्रपति के भारत आगमन और जी20 समिट पर छाया रहेगा विवादित नक्शा मामला

दिल्ली में होने वाली जी 20 बैठक में हिस्सा लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आ सकते हैं. लेकिन जी20 बैठक में चीन के विवादित नक्शा मुद्दे छाया रहेगा. इसकी पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है. चीन द्वारा मानचित्र जारी करने का समय गंभीर प्रश्न को जन्म देता है. क्या राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारतीय राजधानी में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के इच्छुक हैं या उनकी कोई अन्य योजना है. मालूम हो चीन हर साल मानक मानचित्र जारी करता है लेकिन यह पहली बार है कि भारत ने मध्य साम्राज्य के क्षेत्रीय दावों को खारिज करते हुए बीजिंग के समक्ष गंभीर विरोध दर्ज कराया है. बड़ा सवाल यह है कि बीजिंग ने तथाकथित मानक मानचित्र क्यों जारी किया और इसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से अपने प्रचार माध्यमों से प्रचारित करवाया? इसका उत्तर जोहान्सबर्ग में हाल ही में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में निहित है, जहां प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर सम्मेलन के नेताओं के लाउंज में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक संक्षिप्त बातचीत की थी. समझा जाता है कि चीन शिखर सम्मेलन से इतर भारत के साथ द्विपक्षीय बैठक करना चाहता था और पूर्वी लद्दाख में देपसांग बुल्गे और डेमचोक की लंबित समस्याओं पर एक इंच भी पीछे हटे बिना संबंधों को सामान्य बनाने पर जोर देना चाहता था. पीएम मोदी के शेड्यूल की बाधाओं को देखते हुए दोनों नेताओं के बीच औपचारिक मुलाकात नहीं हो सकी और यह केवल संक्षिप्त बातचीत तक ही सीमित रही. संक्षिप्त बातचीत के दौरान भी पीएम मोदी ने सीमा मुद्दे पर अपनी चिंता जताई.

भारत ने चीन के दावे को किया खारिज

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन पर दावा जताने वाले चीन के तथाकथित ‘मानक मानचित्र’ को खारिज करते हुए कहा कि सिर्फ बेतुके दावे करने से अन्य लोगों के क्षेत्र आपके नहीं हो जाते. उन्होंने कहा कि बीजिंग ने पहले भी उन क्षेत्रों पर दावा करते हुए ऐसे नक्शे जारी किए थे, जो उसके नहीं हैं और यह चीन की पुरानी आदत है. जयशंकर ने कहा, यह कोई नयी बात नहीं है. इसकी शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी. इसलिए भारत के कुछ क्षेत्रों पर अपना दावा करने वाला मानचित्र पेश करने से मुझे लगता है कि इससे कुछ नहीं बदलता. ये भारत का हिस्सा हैं. हम बहुत स्पष्ट हैं कि हमारे क्षेत्र कहां तक हैं. यह सरकार इस बारे में बहुत स्पष्ट है कि हमें अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए क्या करने की जरूरत है. आप इसे हमारी सीमाओं पर देख सकते हैं. मुझे लगता है कि इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए. भारत ने मंगलवार को मानचित्र मुद्दे पर चीन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया और कहा कि चीनी पक्ष के ऐसे कदम सीमा से जुड़े विषय को केवल जटिल ही बनायेंगे.

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क्या है नक्श विवाद

गौरतलब है कि बीजिंग ने सोमवार को ‘चीन के मानक मानचित्र’ का 2023 संस्करण जारी किया, जिसमें दावा किया गया कि अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन उसकी सीमा में हैं. इस मानचित्र में दक्षिण चीन सागर को कवर करने वाली तथाकथित नाइन-डैश लाइन को भी चीन के हिस्से के रूप में दिखाया गया है जैसा कि इसके पिछले संस्करणों में दिखाया गया था.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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