'राज्य सरकार तय करें विरोध स्थल...', किसान आंदोलन के बीच हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी, कहा- वे भी भारत के नागरिक
Published by : Pritish Sahay Updated At : 13 Feb 2024 6:06 PM
Patiala: Farmers arrive at the Shambhu border (Punjab-Haryana) for their 'Delhi Chalo' march, in Patiala district, Tuesday, Feb. 13, 2024. (PTI Photo)(PTI02_13_2024_000044B)
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लेकर किसान आंदोलन पर उतारू हैं. किसान मंगलवार सुबह से ही जोरदार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं, किसानों के आंदोलन को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने भी केंद्र सरकार समेत दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है.
Delhi Chalo March: किसानों के जोरदार आंदोलन के बीच पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से अहम टिप्पणी की गई है. कोर्ट ने कहा है कि जो किसान प्रदर्शन कर रहे हैं ये भी भारतीय नागरिक हैं और उन्हें देश में कहीं भी जाने का अधिकार है. कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि राज्य सरकार ऐसे किसी जगह को चिह्नित करें जहां किसान अपना विरोध प्रदर्शन कर सकें. वहीं, कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से किसानों के आंदोलन को लेकर स्टेटस रिपोर्ट की मांग की है. गौरतलब है कि कोर्ट इस मामले में अब गुरुवार को अगली सुनवाई करेगा. पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने किसानों और सरकार से समस्या का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने को कहा है.
कोर्ट ने राज्य सरकारों को जारी किया नोटिस
लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जीएस संधवालिया और न्यायमूर्ति लपीता बनर्जी की खंडपीठ ने राज्य सरकारों से विरोध स्थल निर्धारित करने को कहा है. कोर्ट ने केंद्र समेत पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है. पीठ ने इस मामले में दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह बात कही. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ये प्रदर्शनकारी भी भारत के नागरिक हैं, और उन्हें देश के अंदर कहीं भी जाने का अधिकार है. गौरतलब है कि किसानों के मार्च को देखते हुए सीमाओं पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं. हरियाणा के साल जिलों की इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई है.
किसानों के साथ झड़प के बाद टिकरी बॉर्डर बंद
दिल्ली चलो मार्च को लेकर किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है. दिल्ली की ओर रवाना हुए किसानों की शंभू बॉर्डर पर पुलिस के साथ झड़प के बाद दिल्ली पुलिस ने टिकरी बॉर्डर को आवाजाही के लिए बंद कर दिया है. पुलिस ने दोनों रास्तों पर सीमेंट के बैरिकेड लगा दिए हैं. सीमा को सील कर दिया गया है. इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने टिकरी मेट्रो स्टेशन के पास राजमार्ग को जोड़ने वाली आसपास की सड़कों और गांवों के सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं को भी बंद कर दिया है.
क्या है किसानों की मांग
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लेकर किसान आंदोलन पर उतारू हैं. दरअसल एमएसपी वह दर है जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदती है. यह किसानों की उत्पादन लागत से कम से कम डेढ़ गुना अधिक होती है. केंद्र सरकार फसलों की एक न्यूनतम कीमत तय करती है. किसान को अपनी फसल की एमएसपी के तहत निर्धारित कीमत हर हाल में दी जाती है. फिर चाहे बाजार का जो भी भाव रहे. वहीं अब किसान एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी की मांग पर अड़े हैं. इसके अलावा किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, कृषि ऋण माफ करने, किसानों व कृषि मजदूरों के लिए पेंशन, पिछले आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










