ePaper

Election Commission: चुनावी प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

Updated at : 19 Sep 2025 7:09 PM (IST)
विज्ञापन
Election Commission: चुनावी प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

आयोग ने अब 359 ऐसे दलों की पहचान की है, जिन्होंने पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23 और 2023-24) के वार्षिक लेखापरीक्षित खाते समय पर प्रस्तुत नहीं किए हैं. इन दलों को सूची से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

विज्ञापन

Election Commission: चुनाव आयोग ने चुनावी प्रणाली को साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए 474 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) को सूची से हटा दिया है. इसके साथ ही 359 और दलों को सूची से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. 
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29 ए के तहत राजनीतिक दलों का निर्वाचन आयोग में पंजीकरण होता है. इस पंजीकरण से दलों को चुनाव चिह्न, कर छूट और अन्य विशेषाधिकार मिलते हैं. लेकिन अधिनियम के प्रावधानों और आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि कोई दल लगातार छह वर्षों तक किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेता, तो उसे सूची से हटाया जा सकता है.

दो महीने में 808 दल सूची से बाहर


इसी प्रावधान के तहत चुनाव आयोग ने पिछले कुछ महीनों में व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है. पहले चरण में 9 अगस्त 2025 को 334 दलों को सूची से बाहर किया गया था. दूसरे चरण में 18 सितंबर 2025 को 474 दलों को हटाया गया. इस प्रकार पिछले दो महीनों में अब तक 808 दल सूची से बाहर हो चुके हैं. इसके अलावा आयोग ने अब 359 ऐसे दलों की पहचान की है, जिन्होंने पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23 और 2023-24) के वार्षिक लेखापरीक्षित खाते समय पर प्रस्तुत नहीं किए हैं. इनमें से कई दलों ने चुनाव लड़ा जरूर, लेकिन अपनी चुनाव व्यय रिपोर्ट दाखिल नहीं की. ये दल 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं.

निष्पक्षता सुनिश्चित करने की पहल


निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिया है कि इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए. इसके बाद सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा. सीईओ की रिपोर्ट के आधार पर आयोग अंतिम निर्णय लेगा कि किन दलों को सूची से बाहर करना है.
चुनाव आयोग की यह कार्रवाई राजनीतिक दलों की जवाबदेही तय करने और चुनावी प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

विज्ञापन
Anjani Kumar Singh

लेखक के बारे में

By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola